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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अगले 14 महीनों में भारतीय बाजारों में आ सकती है पहली मेड-इन-इंडिया Semiconductor चिप: राजीव चंद्रशेखर

    By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Sat, 29 Jul 2023 09:33 PM (IST)

    इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आज सेमीकॉन इंडिया 2023 कार्यक्रम में कहा कि दुनिया के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत इलेक ...और पढ़ें

    First Made-in-India Semiconductor chip may hit Indian markets in next 14 months: Rajeev Chandrasekhar
    First Made-in-India Semiconductor chip may hit Indian markets in next 14 months: Rajeev Chandrasekhar

    HighLights

    1. दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है कि भारत इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरे।
    2. अगले 12 से 14 महीनों में भारत में बनी पहली चिप बाजारों में आ सकती है।
    3. अगले 10 वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी उपस्थिति दर्ज कराने का लक्ष्य।

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: सेमीकान इंडिया 2023 इवेंट में केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आज कहा कि दुनिया के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक विश्वसनीय, लचीले भागीदार के रूप में उभरे।

    उन्होंने कहा कि दुनिया भारत के साथ साझेदारी करना चाहती है ताकि वे यहां सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ा सके।

    अगले 14 महीनों में बाजार में आ सकती है भारत में बनी चिप

    इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री चंद्रशेखर ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगले 12 से 14 महीनों में भारत में बनी पहली चिप बाजारों में आ सकती है।

    सेमीकान इंडिया 2023 से इतर बात करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण कॉलेजों में पढ़ने वाले युवा भारतीयों के लिए अधिक से अधिक अवसर पैदा करना है।

    भारत के लिए सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरना जरूरी

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध व कोरोना महामारी से चिप की सप्लाई चेन में कमी आई थी जिसकी वजह से आटोमोटिव, आइओटी, कंप्यूटर, मोबाइल फोन में मांग बढ़ने से चिप की कमी देखी गई। मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि एक ओर मांग बढ़ रही थी। दूसरी ओर, चिप का उत्पादन कुछ ही देशों में हो रहा था।

    अब दुनिया और भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत इलेक्ट्रानिक्स के साथ-साथ सेमीकंडक्टर में भी एक विश्वसनीय और लचीले भागीदार के रूप में उभरे।

    सात चिप डिजाइन स्टार्टअप्स को सरकार से मिली आर्थिक सहायता

    आइटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार ने अगले 10 वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी उपस्थिति दर्ज कराने का लक्ष्य रखा है। अब तक सात भारतीय चिप डिजाइन स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों को विकसित करने में वित्त पोषण और सहायता के लिए मंजूरी दी गई है।

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    सेमीकान इंडिया 2023 को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में भारत का भविष्य उज्जवल है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने की पहल को लगातार समर्थन मिल रहा है। यह स्टार्टअप्स के लिए डीप टेक और सेमीकंडक्टर डिजाइन में आगे बढ़ने का नया अवसर है।