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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

FPI Investment in India: शेयर बाजार में पैसे की 'छप्पर फाड़' बरसात, विदेशी निवेश 20 माह के उच्चतम स्तर पर

By Siddharth PriyadarshiEdited By:
Published: Sun, 04 Sep 2022 12:08 PM (IST)

FPI Investment in India भारतीय शेयर बाजार में विदेशी फोर्टफोलियो निवेशक इन दिनों जमकर पैसा लगा रहे हैं। अगस्त में ...और पढ़ें

FPI inflows hit 20 month high in August 2022
FPI inflows hit 20 month high in August 2022

नई दिल्ली, एजेंसी। विदेशी निवेशकों (FPIs) ने अगस्त माह में भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में 51,200 करोड़ रुपए का निवेश किया, जो पिछले 20 महीने में सबसे अधिक है। सबसे अच्छी बात यह है कि ये निवेश ऐसे समय पर किया गया है, जब भारतीय बाजार अपने उच्चतम स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं और कच्चे तेल की कीमत भी 100 डॉलर के नीचे बनी हुई है।

इससे पहले जुलाई में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने 5,000 करोड़ रुपए का निवेश किया था। जुलाई में एफपीआई ने 9 महीने की लगातार बिकवाली के बाद दोबारा भारतीय बाजारों में निवेश करना शुरू किया था। बता दें, पिछले साल अक्टूबर में एफपीआई ने बिकवाली शुरू की थी और यह लगातार जून 2022 तक जारी रही। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 2.46 लाख करोड़ों रुपए की निकासी की थी।

निवेशकों की पसंद बना भारतीय बाजार

सैंक्टम वेल्थ के प्रोडक्ट एंड सलूशन को-हेड मनीष जेलोका का कहना है कि आने वाले महीनों में भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करता रहेगा। हालांकि आने वाले महीनों में निवेश अगस्त के मुकाबले थोड़ा धीमा रहेगा। वहीं, अरिहंत कैपिटल मार्केट के संयुक्त प्रबंधक निदेशक अर्पित जैन का कहना है कि महंगाई, डॉलर की कीमत और ब्याज दरों में बढ़ोतरी एफपीआई के प्रभावों निर्धारित करेगी।

डिपोजिटरीज की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार में कुल 51,204 करोड़ रुपए का निवेश किया है। विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय शेयर बाजार में अभी तक एक महीने में किया गया अधिकतम निवेश 62,016 करोड़ रुपए का है, जो दिसंबर 2020 में किया गया था।

इन सेक्टरों में निवेश बढ़ा

सैंक्टम वेल्थ के जेलोका का कहना है कि भारत में महंगाई की स्थिति विकसित देशों के मुकाबले काफी बेहतर है। विदेशी निवेशक मौजूदा समय में केवल उच्च गुणवत्ता वाली कंपनियों में ही निवेश कर रहे हैं। हाल के दिनों में फाइनेंशियल, कैपिटल गुड्स, एफएमसीजी और टेलीकॉम कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली है।

एशियाई बाजारों में लिवाली का जोर

भारत के साथ एफपीआई ने इस दौरान इंडोनेशिया, साउथ कोरिया और थाईलैंड के बाजारों में भी निवेश किया है, जबकि फिलीपींस और ताइवान के बाजारों में बिकवाली की है।