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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Share Market: भारतीय शेयर बाजार को लेकर विदेशी निवेशक बुलिश, सितंबर में किया 8,600 करोड़ रुपये का निवेश

    By Abhinav ShalyaEdited By:
    Updated: Sun, 25 Sep 2022 02:24 PM (IST)

    Share Market विदेशी निवेशक (FPIs) भारतीय शेयर बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं। सितंबर से पहले अगस्त के महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजा ...और पढ़ें

    FPIs pump in Rs 8,600-cr in Sep but pace of investment slows
    FPIs pump in Rs 8,600-cr in Sep but pace of investment slows

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में चल रहे उतार- चढ़ाव के बीच विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा कायम है। 1 -23 सितंबर तक विदेशी निवेशकों ने बाजार में 8,600 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालांकि निवेश की रफ्तार में पहले के मुकाबले थोड़ी कमी आई है।

    जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट वीके विजय कुमार का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती के कारण उन्हें लगता है कि विदेशी निवेशक (FPI) शायद ही आक्रमक होकर फिलहाल भारतीय बाजार में निवेश करेंगे। 

    प्रभावित हो सकता है विदेशी निवेश

    बसंत महेश्वरी वेल्थ एडवाइजर एलएलपी के सह- संस्थापक और स्मॉलकेस मैनेजर बसंत महेश्वरी का कहना है कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की कमेंट्री से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में ब्याज दरों में और इजाफा हो सकता है । इसके साथ मंदी की आहट, रुपये की गिरती कीमत और रूस- यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के कारण आने वाले समय में विदेशी निवेशकों से आने वाला निवेश प्रभावित हो सकता है।

    विदेशी निवेशक बुलिश

    विदेशी निवेशक पिछले तीन महीनों से भारतीय शेयर बाजार को लेकर बुलिश नजर आ रहे हैं। अगस्त के महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 51,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पहले जुलाई में 5000 करोड़ रुपये का निवेश किया था। वहीं, सितंबर से अबतक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में कुल 8,638 करोड़ रुपये निवेश किए हैं।

    ब्याज दर बढ़ने का प्रभाव

    हाल के दिनों में अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 75 आधार अंक या फिर 0.75 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसके बाद से भारतीय शेयर बाजार लगातार ऊपरी स्तरों से फिसल रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाने के ऐलान के बाद अमेरिका में मंदी आने का खतरा बढ़ गया है, जिसके कारण अमेरिका के साथ भारतीय शेयर बाजार भी प्रभावित हो रहा है। बता दें, ब्याज दर बढ़ने के ऐलान के बाद विदेशी निवेशकों ने पिछले सत्र में 2899 करोड़ की बिकवाली की है।

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    (एजेंसी इनपुट के साथ)

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