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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गूगल पर लग सकता है देश में भारी जुर्माना

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Updated: Sun, 09 Mar 2014 10:16 PM (IST)

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) की जांच की जद में आए इंटरनेट दिग्गज और सर्च इंजन गूगल पर देश में भारी भरकम जुर्माना लग सकता है। यदि अमेरिकी कंपनी को ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) की जांच की जद में आए इंटरनेट दिग्गज और सर्च इंजन गूगल पर देश में भारी भरकम जुर्माना लग सकता है। यदि अमेरिकी कंपनी को देश के प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है, तो उस पर करीब 30,540 करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है। गूगल ने कहा है कि वह सीसीआइ की जांच में पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी ने दावा किया है कि अमेरिकी प्रतिस्पर्धा नियामक की दो साल की समीक्षा से यह निष्कर्ष निकला है कि उसकी सेवाएं प्रतिस्पर्धा के नजरिये से अच्छी हैं।

सीसीआइ में यह मामला दो साल से अधिक समय से चल रहा है। गूगल पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर सर्च इंजन के क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग किया है। प्रतिस्पर्धा कानून के तहत अगर किसी कंपनी को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उस पर उसके तीन साल के औसत कारोबार का 10 फीसद तक जुर्माना लगाया जा सकता है। गूगल का तीन साल का औसत कारोबार 49.3 अरब डॉलर बैठता है। ऐसे में उस पर अधिकतम पांच अरब डॉलर का जुर्माना लग सकता है।

जांच और संभावित जुर्माने के बारे में गूगल के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सीसीआइ को उसकी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी ने अमेरिका व यूरोपीय संघ में प्रतिस्पर्धा के उल्लंघन का मामला निपटा लिया है। मगर सीसीआइ की व्यवस्था में निपटान का प्रावधान नहीं है। साथ ही सीसीआइ के पास दर्ज शिकायत को भी वापस नहीं लिया जा सकता। शुरुआती जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि के बाद सीसीआइ ने यह मामला अपनी जांच इकाई को विस्तृत जांच के लिए भेज दिया है।

जुर्माना लगाने के अलावा सीसीआइ कंपनी को अपना व्यवहार सुधारने के भी आदेश दे सकता है। इसके अलावा नियामक ढांचागत सुधार भी कर सकता है। इसके तहत प्रभुत्व वाली इकाई को अलग-अलग कारोबार में बांटा जा सकता है। गूगल के खिलाफ शिकायत वर्ष 2011 में एडवोकेसी समूह कट्स इंटरनेशनल ने दायर की थी। बाद में शादी ब्याह कराने वाली वेबसाइट मैट्रीमोनी डॉट कॉम ने भी उसके खिलाफ सीसीआइ में शिकायत की।

फेसबुक-व्हाट्सएप सौदे की जांच संभव

सीसीआइ फेसबुक और व्हाट्सएप सौदे की भी जांच कर सकता है। दोनों कंपनियों की भारत में खासी मौजूदगी के चलते इस सौदे के लिए प्रतिस्पर्धा नियामक की मंजूरी जरूरी हो सकती है। दिग्गज सोशल नेटवर्किग वेबसाइट फेसबुक ने हाल ही में मोबाइल मैसेजिंग एप्लीकेशन कंपनी व्हाट्सएप को 19 अरब डॉलर में खरीदने का करार किया है।

प्रतिस्पर्धा आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सौदे की मंजूरी के लिए अभी आवेदन नहीं मिला है। प्रतिस्पर्धा कानूनों के तहत देश में मौजूद सभी कंपनियों को विलय एवं अधिग्रहण के मामले में सीसीआइ की अनुमति लेनी होती है। ऐसे मामलों में आयोग इस बात की जांच करता है कि सौदे से बाजार में प्रतिस्पर्धा पर असर तो नहीं पड़ेगा।

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