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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सरकार चुकाएगी सस्ते गैस सिलेंडर की कीमत, घाटे की भरपाई के लिए तेल कंपनियों को 22,000 करोड़

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Wed, 12 Oct 2022 05:30 PM (IST)

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमत नहीं बढ़ाई है। इससे उनको बहुत नुकसान हो रहा था। इसको देख ...और पढ़ें

    Government to give Rs 22000 crores to Oil Marketing Companies to cover LPG loss
    Government to give Rs 22000 crores to Oil Marketing Companies to cover LPG loss

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सरकार घाटे की भरपाई के लिए राज्य के स्वामित्व वाले तीन खुदरा ईंधन विक्रेताओं को 22,000 करोड़ का एकमुश्त अनुदान देगी। कैबिनेट ने नुकसान की भरपाई के लिए सार्वजनिक तेल कंपनियों को 22,000 करोड़ के अनुदान को मंजूरी दे दी है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले दो वर्षों में घरेलू रसोई गैस एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने पर हुए नुकसान को कवर करने के लिए तेल कंपनियों को यह अनुदान दिया जा रहा है।

    अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को तीन तेल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के लिए एकमुश्त अनुदान को मंजूरी दी गई।

    तेल कंपनियों के लिए बड़ी राहत

    तीनों कंपनियां उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा नियंत्रित कीमतों पर घरेलू एलपीजी बेचती हैं। अनुदान जून 2020 से जून 2022 तक उपभोक्ताओं को लागत से कम एलपीजी बेचने पर हुए नुकसान को कवर करने के लिए होगा। आपको बता दें कि जून 2020 से जून 2022 के बीच रसोई गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। हालांकि उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए घरेलू एलपीजी के उपभोक्ताओं पर पूरी लागत नहीं डाली गई है।

    उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया बोझ

    एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 300 प्रतिशत की अंतरराष्ट्रीय वृद्धि की मुकाबले इस अवधि के दौरान घरेलू एलपीजी की कीमतों में केवल 72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे तीनों फर्मों कोनुकसान हुआ। घाटे के बावजूद, सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों आयल मार्केटिंग कंपनियों ने खाना पकाने के लिए आवश्यक ईंधन की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसलिए सरकार ने घरेलू एलपीजी में हुए नुकसान के लिए तेल विपणन कंपनियों को एकमुश्त अनुदान देने का निर्णय लिया है।

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