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    छोटी कंपनियों को सरकार ने दी बड़ी राहत, क्या है 'क्वालिटी सर्टिफिकेशन', जिसकी फीस पर छूट की अवधि 3 साल और बढ़ी

    Updated: Tue, 20 Jan 2026 06:59 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को बड़ी राहत देते हुए गुणवत्ता प्रमाणन शुल्क में छूट की अवधि को तीन साल के लिए बढ़ा दिया है। भार ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. MSMEs को गुणवत्ता प्रमाणन शुल्क में छूट मिली।

    2. छूट की अवधि तीन साल और बढ़ाया गया।

    3. सूक्ष्म, लघु, मध्यम इकाइयों को अलग-अलग छूट।

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों की मदद के लिए गुणवत्ता प्रमाणन फीस छूट की अवधि को तीन और वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। यह छूट 2026 के मध्य में खत्म होने जा रही है। इस संबंध में भारतीय मानक ब्यूरो (BI) ने एक प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत सूक्ष्म इकाइयों को गुणवत्ता प्रमाणन फीस में 80 प्रतिशत, छोटी इकाइयों को 50 प्रतिशत और मध्यम आकार की इकाइयों को 20 प्रतिशत छूट मिलेगी।

    क्या है क्वालिटी सर्टिफिकेशन?

    क्वालिटी सर्टिफिकेशन, किसी थर्ट पार्टी द्वारा दी जाने वाली एक औपचारिक मान्यता है कि कोई संगठन, प्रोडक्ट या व्यक्ति खास क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करता है। यह क्वालिटी मैनेजमेंट को लेकर प्रतिबद्धता को पक्का करता है।

    ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने एक्सटेंशन के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें माइक्रो यूनिट्स के लिए 80 प्रतिशत, छोटे उद्यमों के लिए 50 प्रतिशत और मध्यम आकार की फर्मों के लिए 20 प्रतिशत फीस में छूट दी गई है।

    BIS ने 23,000 से ज़्यादा स्टैंडर्ड पब्लिश किए हैं, जिनमें से लगभग 95 परसेंट इंटरनेशनल बेंचमार्क के हिसाब से हैं, लेकिन लागू करने में चुनौतियां बनी हुई हैं, विशेष रूप से स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ के लिए, जो BIS लाइसेंस पाने वालों में 80 परसेंट हैं।

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    उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव भरत खेडा ने पीएचडी चैंबर आफ कामर्स के कार्यक्रम में कहा कि हाल ही में हमने एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसके सफल होने की संभावना है। यह छूट अगले तीन सालों के लिए उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि भारत को अपने विकसित भारत मैन्यूक्चरिंग विजन को हकीकत में बदलने के लिए अनुपालन-आधारित से परंपरा आधारित गुणवत्ता मानकों की ओर बढ़ना होगा।

    (एजेंसी इनपुट के साथ)