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चीनी के नए सीजन से बिक्री को लेकर सख्ती! त्योहारों से पहले सरकार ने कसी कमर, मिलों के लिए नया फरमान

Published: Fri, 11 Sep 2026 02:22 PM (IST)

त्योहारी सीजन से पहले सरकार ने चीनी की कीमतों और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलों पर सख्ती बढ़ा दी ...और पढ़ें

चीनी की बिक्री पर निगरानी

चीनी की बिक्री पर निगरानी

HighLights

  1. त्योहारी सीजन से पहले चीनी मिलों पर सरकार की सख्ती।

  2. अक्टूबर से चीनी उत्पादन और बिक्री की मासिक निगरानी होगी।

  3. मिलों को उचित दाम पर चीनी बेचने का निर्देश दिया गया।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| त्योहार का सीजन शुरू होने वाला है लेकिन उपभोक्ताओं को अभी भी चीनी की कीमतों और उपलब्धता को लेकर चिंता बरकरार है। अब त्योहारी सीजन से पहले सरकार ने आम जनता को राहत देने और पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने के लिए मिलों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार, चीनी के दाम को नियंत्रण में रखने और बेहतर नीतियां बनाने के लिए सरकार अक्टूबर से शुरू होने वाले नए सीजन से चीनी उत्पादन की हर महीने निगरानी करेगी।

गुरुवार को नई दिल्ली में इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव अश्विनी श्रीवास्तव ने मिलों से उचित दामों पर चीनी बेचने को कहा है। कीमतों को काबू में रखने के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब मिलों से हर महीने उत्पादन और बिक्री का एकदम सही डेटा देने को भी कहा गया है।

चीनी का मौजूदा रिटेल प्राइस कितना?

मिल स्तर पर कीमतों में गिरावट के बावजूद, खुदरा बाजारों में चीनी की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीनी के अंतिम दामों में मामूली कमी आई है। गुरुवार को पूरे भारत में चीनी का औसत खुदरा मूल्य ₹60.2 प्रति किलो दर्ज किया गया, जो बुधवार को ₹60.31 था। वहीं मिल स्तर पर कीमतें 4,700 से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहीं, जिससे नरमी दिख रही है। सरकार के अनुसार, अगस्त 2024 और जुलाई 2026 के बीच सालाना आधार पर रिटेल प्राइस में सिर्फ 3% की वृद्धि देखी गई, जो काफी हद तक स्थिरता दर्शाती है।

चीनी उत्पादन का अनुमान घटाया गया

वर्तमान सीजन अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 में चीनी उत्पादन करीब 306 लाख टन रहने का अनुमान है। आपको बता दें कि शुरुआत में 343 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। प्रोडक्शन में कमी की मुख्य वजह गन्ने की फसल में रेड रॉट और टॉप बोरर रोग को बताया गया है। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि देश में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। इसके साथ ही सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति भी दी है।

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सरकार ने लगातार चीनी का स्टॉक घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त बताया है। नए सीजन से प्रोडक्शन और बिक्री का सटीक डेटा भी सरकार को देना जरूरी हो गया है, इससे डिमांड एंड सप्लाई को लेकर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।