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Expensive Ganpati Pandal: ₹703 करोड़ का बीमा, 300 Kg चांदी; लालबागचा राजा नहीं तो कौन-सा है देश का सबसे महंगा गणपति पंडाल?

Published: Mon, 14 Sep 2026 12:13 PM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2026 12:56 PM (IST)

Ganpati Mahotsav 2026: देशभर में गणपति उत्सव के दौरान, मुंबई का GSB सेना मंडल देश का सबसे महंगा गणपति पंडाल ...और पढ़ें

Expensive Ganpati Pandal: लालबागचा राजा नहीं तो कौन सा है देश का सबसे महंगे गणपति पंडाल? (AI Generated Image)

Expensive Ganpati Pandal: लालबागचा राजा नहीं तो कौन सा है देश का सबसे महंगे गणपति पंडाल? (AI Generated Image)

HighLights

  1. GSB सेना मंडल देश का सबसे महंगा गणपति पंडाल।

  2. पंडाल का बीमा ₹703.27 करोड़, सुरक्षा और भक्तों के लिए।

  3. मूर्ति 66 किलो सोने, 335 किलो चांदी से सजी।

बिजनेस डेक्स, नई दिल्ली। देशभर में गणपति उत्सव शुरू (Ganpati Utsav) हो चुका है, और लोग अपने-अपने घरों में बप्पा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। ऐसे में जब देश के सबसे भव्य और महंगे गणपति पंडाल (India's Expensive Ganpati Pandal) की बात आती है, तो लोगों के दिमाग में अक्सर लालबागचा राजा (Lalbahgcha Raja) का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन देश में एक और ऐसा पंडाल है जिसका बीमा ही सिर्फ ₹700 करोड़ से ज्यादा का है। तो आइए आज इस सबसे महंगे गणपति पंडाल के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कौन सा पंडाल सबसे महंगा?

Mumbaiके किंग्स सर्किल (माटुंगा) में मौजूद GSB Sena Mandal का पंडाल देश का सबसे महंगा पंडाल माना जाता है। देश के सबसे अमीर गणपति के रूप में पहचाने जाने वाले इस मंडल का उत्सव 14 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। अपनी भव्यता, परंपरा और सुरक्षा के चलते ये मंडल हर साल सुर्खियां बटोरता है।

₹703 करोड़ का बीमा!

लाखों भक्तों की भीड़ और करोड़ों के चढ़ावे की सुरक्षा के लिए इस साल मंडल ने कुल ₹703.27 करोड़ का भारी-भरकम बीमा कवर लिया है। वहीं साल 2025 में इस पंडाल के लिए ₹474 करोड़ का बीमा लिया गया था। इस बीमा कवर के नियमों के हिसाब से:

  • सोने-चांदी के गहनों और कीमती पत्थरों की चोरी या किसी और तरह के नुकसान होने पर कवर मिलेगा।
  • सुरक्षाकर्मियों, वॉलंटियर्स, पुजारियों, रसोइयों और यहां आने वाले हर आम भक्त के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा दिया जाएगा।
  • पंडाल की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए कवरेज मिलेगा।
  • शॉर्ट सर्किट, आग या बारिश से होने वाले नुकसान से बचाव की सुविधा।

कितना चढ़ाया गया सोना-चांदी?

'नसाला पावनेरा विश्वाचा राजा' के नाम से प्रसिद्ध इस बप्पा की मूर्ति के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। वहीं सालों से मिलते आ रहे दान से बप्पा की मूर्ति को सजाया जाता है। इस बार की बात करें तो, इस साल बप्पा की मूर्ति को 66 किलो सोने से सजाया गया है, जिसमें मुकुट, गले के हार और बाजूबंद शामिल हैं।

वहीं इस साल मूर्ति के पास 335 किलो से ज्यादा चांदी के बर्तन, आभूषण और भव्य प्रभावली (पीछे वाला फ्रेम) मौजूद हैं। इसके अलावा बप्पा के हाथ, सूंड और मुकुट पर बेशकीमती हीरे और रत्न भी जड़े हुए है, जिनकी कीमत लाखों में है।

इको-फ्रेंडली होती है मूर्ति

मुंबई के बाकी पंडाल की तरह, इस पंडाल को किसी फिल्मी सेट की तरह नहीं, बल्कि प्राचीन और वैदिक परंपरा के हिसाब से सजाया जाता है। बप्पा की मूर्ती भी पूरी तरह इको-फ्रेंडली मिट्टी और पानी में घुलने वाले रंगों से बनाए जाती है। वहीं पर्यावरण को बचाने के लिए इस बार रसीद सिस्टम को खत्म, सबकुछ डिजिटल कर दिया गया है।

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