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GST Council Meeting: ITC रिफंड, गिरफ्तारी पर रोक से ₹5 करोड़ की सीमा तक, मीटिंग में हो सकते हैं ये 12 बदलाव; पूरी लिस्ट

Published: Mon, 05 Oct 2026 04:16 PM (IST)Updated: Mon, 05 Oct 2026 08:16 PM (IST)

GST Council Meeting 2026: जीएसटी काउंसिल की 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक में कारोबारियों को राहत देने और नियमों ...और पढ़ें

राहत का बड़ा पैकेज! GST में गिरफ्तारी से ITC तक 12 बड़े बदलाव, कारोबारियों पर क्या होगा असर?

राहत का बड़ा पैकेज! GST में गिरफ्तारी से ITC तक 12 बड़े बदलाव, कारोबारियों पर क्या होगा असर?

HighLights

  1. जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्ति पर रोक का प्रस्ताव।

  2. आईटीसी रिफंड और उसके दायरे को आसान बनाने पर विचार।

  3. अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ होगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| जीएसटी से जुड़े कारोबारियों और कंपनियों के लिए आने वाले समय में नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 7 अक्टूबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक (GST Council Meeting 2026) में टैक्सपेयर्स को राहत देने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के नियम आसान करने और जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियों में बदलाव समेत 12 बड़े प्रस्तावों पर विचार हो सकता है। हालांकि, ये बदलाव प्रस्तावित हैं और अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल की मंजूरी के बाद ही होगा। मीटिंग में कौन-कौन से 12 बदलाव हो सकते हैं, इसे लेकर दिल्ली के सीए सिद्धार्थ केजरीवाल ने एक-एक डिटेल बताई।

1. GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति पर रोक

जीएसटी अधिकारियों की अरेस्ट पावर खत्म करने का प्रस्ताव है। किसी गिरफ्तारी के लिए न्यायिक अनुमति की जरूरत पड़ सकती है। इससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

2. प्रॉसिक्यूशन की सीमा ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़

टैक्स चोरी के मामलों में अभियोजन (Prosecution) की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ की जा सकती है। यानी छोटे स्तर के मामलों में सीधे आपराधिक कार्रवाई का दबाव कम हो सकता है।

3. प्लांट और मशीनरी पर ITC रिफंड

प्लांट, मशीनरी और इनपुट सर्विसेज से जुड़े ITC रिफंड को राहत मिल सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक रिफंड 5 साल में मासिक किस्तों में दिया जा सकता है।

4. ITC का दायरा बढ़ सकता है

कर्मचारी बीमा, वाहनों, टेलीकॉम टावर और पाइपलाइन जैसे खर्चों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की अनुमति बढ़ाने का प्रस्ताव है।

5. फैक्ट्री के बाहर लगे टावर-पाइपलाइन पर भी ITC

अगर टेलीकॉम टावर या पाइपलाइन फैक्ट्री परिसर से बाहर लगी है, तब भी कुछ परिस्थितियों में उस पर ITC उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

6. एक्सपायर्ड और नष्ट सामान पर ITC

FMCG और फार्मा कंपनियों को एक्सपायर या नष्ट हो चुके उत्पादों पर भी ITC का लाभ मिलने का रास्ता बनाया जा सकता है।

7. सप्लायर की गलती का बोझ खरीदार पर नहीं

अगर खरीदार ने नियमों के मुताबिक खरीदारी की है, तो सप्लायर के डिफॉल्ट के बावजूद गenuine buyer का ITC बरकरार रह सकता है। रिकवरी डिफॉल्ट करने वाले सप्लायर से की जा सकती है।

8. ₹10000 से कम के मामलों में SCN नहीं

10,000 रुपए से कम की रकम वाले मामलों में शो-कॉज नोटिस (SCN) जारी नहीं करने का प्रस्ताव है। इसमें लंबित मामले भी शामिल हो सकते हैं।

9. छोटे कारोबारियों के लिए आसान रिटर्न

जो छोटे कारोबारी सिर्फ उपभोक्ताओं को सामान बेचते हैं, उन्हें तिमाही टैक्स भुगतान और सालाना रिटर्न की सुविधा मिल सकती है।

10. विदेशी ब्रांच के जरिए बिक्री को एक्सपोर्ट माना जा सकता है

भारतीय कंपनियों की विदेशी शाखाओं के जरिए बेचे गए सामान को कुछ परिस्थितियों में एक्सपोर्ट का दर्जा देने का प्रस्ताव है।

11. विदेशी ग्राहकों के लिए भारत में किया गया काम

भारत में विदेशी ग्राहकों के सामान पर किया गया काम भी कुछ शर्तों के साथ एक्सपोर्ट की कैटेगरी में आ सकता है।

12. 90% रिफंड रकम पहले मिल सकती है

रिफंड क्लेम में 90% रकम एडवांस जारी करने का प्रस्ताव है। इसके लिए रिस्क-बेस्ड जांच की व्यवस्था हो सकती है।

सीए सिद्धार्थ केजरीवाल का मानना है कि प्रस्तावित GST 2.0 सुधारों का फोकस कारोबारियों के लिए अनुपालन आसान करने, ITC से जुड़ी दिक्कतें घटाने और टैक्स विवादों में अनावश्यक कार्रवाई कम करने पर दिखाई देता है। हालांकि अंतिम नियम काउंसिल के फैसले और अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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