सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    GST Rate Cut होते ही Bata ने घटाए दाम, इतने रुपये कम हुई जूते-चप्पल की कीमत

    Updated: Fri, 05 Sep 2025 12:06 PM (IST)

    फुटवियर कंपनी बाटा इंडिया (Bata India) ने बाटा प्राइस प्रॉमिस (Bata Price Promise) की शुरुआत की है। इस पहल के तहत कंपनी 22 सितंबर से पहले ही 1000 रुपय ...और पढ़ें

    1000 रुपये से कम कीमत वाले फुटवियर पर जीएसटी दर में कटौती का लाभ ग्राहकों को मिलेगा।
    1000 रुपये से कम कीमत वाले फुटवियर पर जीएसटी दर में कटौती का लाभ ग्राहकों को मिलेगा।

    नई दिल्ली। फुटवियर कंपनी बाटा इंडिया (Bata India) ने जूता-चप्पल के रेट कम करने की घोषणा की है। इसके लिए कंपनी ने अपनी 'बाटा प्राइस प्रॉमिस' की पहल शुरू की है। जिसके तहत 22 सितंबर से शुरू होने वाली आधिकारिक पेशकश से पहले 1,000 रुपये से कम कीमत वाले फुटवियर पर जीएसटी दर में कटौती (GST Rate Cut) का लाभ ग्राहकों को मिलेगा।

    कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस योजना के तहत, बाटा आउटलेट्स पर कीमतों में 7 प्रतिशत की कमी आएगी और कंपनी इस अंतर को टैक्स खरीदारों को तत्काल बचत का (tax reduction benefit) लाभ देगी।

    यानी पहले बाटा कंपनी का कोई जूता या चप्पल 800 रुपये का मिलता था वह अब करीब 56 रुपये की कम कीमत पर मिलेगा। अब इसकी कीमत करीब 744 रुपये हो जाएगी।  

    बाटा इंडिया की एमडी और सीईओ गुंजन शाह ने कहा, "बाटा में हमारी प्राथमिकता हर उपभोक्ता के लिए फैशन और आराम को सुलभ बनाना है। चुनिंदा फुटवियर पर जीएसटी को समाहित करके, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि त्योहारों की खरीदारी जल्दी शुरू हो, ज्यादा किफायती हो और हमारे ग्राहकों को ज्यादा खुशी मिले।"

    जूते पर कितना कम हुआ GST?

    GST काउंसिल की बैठक में जूते- चप्पल पर GST 12% से कम करके 5% कर दिया गया है। यदि ₹2,500 से कम कीमत के जूते खरीदने पर इसपर 12% GST की जगह अब सिर्फ 5 फीसदी टैक्‍स देना होगा। लेकिन अगर आप 2500 रुपये से ज्‍यादा की कीमत वाले जूते-चप्पल खरीदते हैं तो आपको अब 18 फीसदी का टैक्‍स देना होगा।

    5 फीसदी GST ₹2,500 या उससे कम कीमत वाले जूतों (चमड़े, रबर, प्लास्टिक सोल आदि) पर लागू होगा, जो पहले 12 फीसदी हुआ करता था। वहीं 18% GST प्रति जोड़ी ₹2,500 से अधिक कीमत वाले जूतों पर लगेगा।

    यह भी पढ़ें: इन 35 वस्तुओं पर अब ‘0’ टैक्स, आखिर मिल ही गया आम आदमी को दिवाली गिफ्ट