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    ये है देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, 172 साल पुराना इतिहास; बनाने में कितने हुए खर्च?

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 11:59 AM (GMT+05:30)

    हावड़ा जंक्शन भारत का सबसे बड़ा और व्यस्त रेलवे स्टेशन (busiest and largest train stations) है, जो पश्चिम बंगाल के कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया में स्थि ...और पढ़ें

    ये है देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन

    ये है देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन

    HighLights

    1. हावड़ा जंक्शन भारत का सबसे बड़ा स्टेशन है

    2. डेली दस लाख से अधिक यात्रियों को सर्विस है देता

    3. स्टेशन में हैं 23 प्लेटफॉर्म

    नई दिल्ली। भारत में हजारों रेलवे स्टेशन हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन कौन-सा है? हावड़ा रेलवे स्टेशन (जिसे हावड़ा जंक्शन भी कहा जाता है) पश्चिम बंगाल, भारत के कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया के हावड़ा शहर में स्थित एक रेलवे स्टेशन है।यह भारत का सबसे बड़ा और यही सबसे व्यस्त रेलवे कॉम्प्लेक्स भी है। 

    कितने यात्रिओं को देता है सर्विस? 

    प्लेटफॉर्म की संख्या और साइज के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल में हावड़ा जंक्शन है, जो अपने बड़े कॉम्प्लेक्स और कई प्लेटफॉर्म के साथ रोजाना दस लाख से अधिक यात्रियों को सर्विस देता है, जिससे यह दुनिया के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक और कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए एक जरूरी हब भी है। 

    कितने प्लेटफॉर्म वाला है हावड़ा स्टेशन? 

    हावड़ा स्टेशनपर 23 प्लेटफॉर्म हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार हावड़ा स्टेशन का कुल एरिया 270,000 वर्ग मीटर (लगभग 66.7 एकड़) है। ये स्टेशन डेली 600 से अधिक ट्रेन हैंडल करता है। हावड़ा कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया को सर्विस देने वाले पांच बड़े इंटरसिटी रेलवे स्टेशनों में से एक है। 

    किसने बनाया था हावड़ा रेलवे स्टेशन? 

    सन 1849 में, ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ था और हावड़ा और रानीगंज के बीच पहले सेक्शन के लिए शुरुआती राशि तय की गई, जो पांडुआ (हुगली) और बर्दवान (बर्धमान) से होकर गुजरता था।

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    तब के प्रशासनिक कंसल्टिंग इंजीनियर फ्रेडरिक वाल्टर सिम्स ने शुरू में 1846 में हुगली नदी के दाहिनी ओर एक स्टेशन बनाने का विचार किया था। हालांकि, फंड मंजूर होने के बाद, नई लाइन के लिए हावड़ा को टर्मिनस के तौर पर चुना गया।

    रिपोर्ट्स के अनुसार अक्टूबर 1852 में स्टेशन बनाने के लिए चार टेंडर मिले थे, जो तब कीमत 190,000 से 274,526 रुपये के बीच के थे। हालांकि समय के साथ इस स्टेशन पर नए-नए डेवलपमेंट्स के लिए और पैसे खर्च होते रहे। 

    कब हुआ इलेक्ट्रिफाइड?

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हावड़ा रेलवे स्टेशन की ओपनिंग 1854 में हुई थी। उसके 100 साल बाद 1954 में इस स्टेशन को इलेक्ट्रिफाइड किया गया।

     

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