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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ऐसे सुधारें अपना खराब क्रेडिट स्कोर, अपनाएं ये आसान तरीके; नहीं होगी कोई परेशानी

    Updated: Tue, 08 Jul 2025 03:46 PM (IST)

    क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। ये ज्यादा जरूरी तब हो जाता है जब आप लोन लेने के लिए या क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने जा रहे हैं ...और पढ़ें

    खराब सिबिल स्कोर को सुधारने के आसान तरीके
    खराब सिबिल स्कोर को सुधारने के आसान तरीके

    नई दिल्ली। क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर का हमारी वित्तीय स्थिति में बड़ा प्रभाव पड़ता है। अगर किसी व्यक्ति ने कभी लोन के लिए अप्लाई किया हो या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया हो, तो क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर के बारे में जरूर सुना होगा।

    एक अच्छा सिबिल स्कोर कम ब्याज दर पर लोन मिलने में सहायता कर सकता है। ऐसे ही खराब सिबिल स्कोर आपकी वित्तीय मुश्किलें बढ़ा सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप इसे जल्द से जल्द सुधारें।

    कैसे सुधारें अपना खराब सिबिल स्कोर

    क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाना

    क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकाने से सिर्फ आपका सिबिल स्कोर नहीं सुधरता है, आप भारी पेनल्टी से भी बचे रहते हैं। इसके साथ ही कोशिश करें कि आप क्रेडिट कार्ड का बिल का पूरा भुगतान कर रहे हों। क्योंकि जितने समय के लिए आपका बकाया रहता है, उतना ही आपको बैंक के अनुसार पेनल्टी देनी पड़ती है।

    कम समय में बार-बार लोन न लें

    अगर आप बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तो इससे ये लगता है कि आप क्रेडिट पर ज्यादा निर्भर हैं। ऐसे में आपकी छवि खराब होती है। अगर व्यक्ति बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करता है, तो उसे क्रेडिट हंगर कहा जाता है। ऐसा करने से आपके क्रेडिट स्कोर को भी बड़ा नुकसान होता है।

    30 फीसदी ही करें इस्तेमाल

    ऐसा माना जाता है कि आपको अपने क्रेडिट कार्ड लिमिट का सिर्फ 30 फीसदी इस्तेमाल करना चाहिए। मसलन अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1,00,000 रुपये है, तो आपको सिर्फ 30 फीसदी 30,000 रुपये ही इस्तेमाल करना चाहिए। ये आपको क्रेडिट स्कोर सुधारने में मदद करता है।

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    सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का बैलेंस

    सिक्योर्ड लोन में कार और होम लोन को शामिल किया गया है। वहीं अनसिक्योर्ड लोन में पर्सनल और क्रेडिट को जोड़ा गया है। आपको इन दोनों का ही बैलेंस बनाना जरूरी है। इसका भी सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर पर असर होता है।

    डिफॉल्टर बनने से बचें

    अगर आपने परिवार के सदस्य, दोस्त या अन्य किसी व्यक्ति के साथ लोन लिया है, तो जॉइंट लोन में डिफॉल्टर बनने से बचना चाहिए। क्योंकि अगर लोन का भुगतान सही समय पर नहीं हुआ तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। वहीं इसका असर क्रेडिट स्कोर पर भी पड़ सकता है।