यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आयकर विभाग ने लगाया LIC पर 84 करोड़ रुपये का जुर्माना, कोर्ट में अपील करेगी एलआईसी
आयकर विभाग ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एलआईसी) पर 84 रुपये का जुर्माना लगाया है। आयकर विभाग ने एलआईसी से तीन साल के ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली: आयकर विभार ने आज देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) पर करोड़ों रुपये का जर्माना लगाया है।
आयकर विभाग ने एलआईसी से तीन मूल्यांकन वर्षों से संबंधित 84 करोड़ रुपये के जुर्माने की मांग की है। आयकर विभाग के इसी जुर्माने के खिलाफ एलआईसी ने अब कोर्ट में अपील दायर करने का फैसला किया है।
किस साल कितना लगा एलआईसी पर जुर्माना?
एलआईसी ने आज रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2012-13 के लिए 12.61 करोड़ रुपये, 2018-19 के लिए 33.82 करोड़ रुपये, जबकि आकलन वर्ष 2019-20 के लिए 37.58 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
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क्यों लगाया गया जुर्माना?
एलआईसी ने बताया की उसपर धाराओं के उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। एलआईसी ने बताया कि आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 271(1)(सी) और 270ए के तहत पेनाल्टी लगाई गई है। आपको बता दें कि आयकर विभाग की ओर से एलआईसी को यह नोटिस 29 सितंबर को प्राप्त हुई थी।
एलआईसी को जानिए
एलआईसी को भारत के सबसे बड़े सरकारी स्वामित्व वाले जीवन बीमा और निवेश निगम के रूप में जाना जाता है। इसकी शुरुआत 1956 में 5 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ हुई थी और अब 31 मार्च, 2023 तक एलआईसी के पास 40.81 लाख करोड़ रुपये के लाइफ फंड के साथ 45.50 लाख करोड़ रुपये का एसेट बेस है।
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एलआईसी का काम बीमा पॉलिसी के बदले लोगों की बचत एकत्र करें और देश में बचत को बढ़ावा देना, सरकारी प्रतिभूतियों में धन निवेश करके लोगों की पूंजी की रक्षा करना, किफायती दरों पर बीमा पॉलिसी जारी करना, उचित ब्याज दरों पर उद्योगों को लोन देना, विभिन्न राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए लोन प्रदान करना शामिल है।
