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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rising Fuel Demand: ईंधन की मांग 24 साल के उच्चतम स्तर पर, रूसी कच्चे तेल के आयात से कितना हो रहा फायदा

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Sat, 17 Jun 2023 05:52 PM (IST)

    Increasing Fuel Demand in India भारत की अर्थव्यवस्था की तेज गति के कारण लगातार ईंधन की मांग में इजाफा देखने को मिल रहा है। चालू वित्त वर्ष में ईंधन की ...और पढ़ें

    Fuel Petrol Diesel: एविएशन फ्यूल की मांग इस साल 14 प्रतिशत बढ़ सकती है।
    Fuel Petrol Diesel: एविएशन फ्यूल की मांग इस साल 14 प्रतिशत बढ़ सकती है।

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत में लगातार पेट्रोल-डीजल की मांग की में इजाफा हो रहा है। रूस से डिस्काउंट पर कच्चा तेल आयात होने के कारण इसमें और तेजी देखने को मिली है। भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार बनी हुई तेजी भी इसके पीछे का एक बड़ा कारण है।

    इस साल फरवरी में भारत में ईंधन की मांग 24 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।

    भारत में कितनी है ईंधन की मांग

    रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में पीपीएसी के हवाले से बताया गया कि फरवरी में भारत में ईंधन की मांग 5 प्रतिशत बढ़कर 4.82 मिलियन बैरल प्रति टन पर पहुंच गई है और पिछले 15 सालों में लगातार इसमें इजाफा हो रहा है।

    रूस से डिस्काउंट पर तेल आयात कर रहा भारत

    बता दें, यूक्रेन से युद्ध होने के बाद रूस भारतीय तेल कंपनियों को डिस्काउंट पर तेल निर्यात कर रहा है। इसका परिणाम यह है कि मौजूदा समय में भारत रूस से सबसे अधिक कच्चे तेल का आयात कर रहा है। रूसी कच्चे तेल का भुगतान भारत की ओर से दुबई के रास्ते किया जा रहा है।

    भारत स्वयं के उपयोग के साथ रूसी कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में बदलकर यूरोपीय देशों को भी निर्यात कर रहा है। भारतीय तेल कंपनियों को रूस की ओर से करीब 15 डॉलर प्रति बैरल का डिस्काउंट दिया जा रहा है।

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    भारत में लगातार बढ़ रही ईंधन की मांग

    भारत में ईंधन की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है और चालू वित्त वर्ष में इसमें 4.7 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी हो सकती है। भारत में ईंधन की मांग वित्त वर्ष में 233.8 मिलियन रह सकती है। इसके साथ एविएशन फ्यूल की मांग भी इस साल 14 प्रतिशत बढ़ सकती है।