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    चीन-जापान-UAE नहीं...एशिया में काम करने के लिए भारत है सबसे शानदार जगह; टॉप 100 में से 48 कंपनियां हैं यहां!

    Updated: Mon, 01 Sep 2025 03:45 PM (GMT+05:30)

    एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत एशिया में काम करने के लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक है। टॉप 100 कंपनियों में से 48 भारत में हैं। ग्रेट प्लेस टू वर्क ...और पढ़ें

    एशिया में काम करने के लिए शीर्ष 100 बेस्ट प्लेस में से 48 भारत में
    एशिया में काम करने के लिए शीर्ष 100 बेस्ट प्लेस में से 48 भारत में

    नई दिल्ली। एशिया में काम करने के लिए बेहतरीन जगहों में भारत टॉप स्थान पर है। सोमवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, टॉप 100 संगठनों में से 48 भारत में हैं। वर्कप्लेस कल्चर के वैश्विक सर्वे करने वाली, 'ग्रेट प्लेस टू वर्क' की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मौजूद ये 48 कंपनियां बड़ी कंपनियों की कैटेगरी में आती हैं, जबकि मिड-साइज कैटेगरी में भारत में 12 कंपनियां संचालित होती हैं।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वर्कप्लेस कल्चर और कर्मचारी अनुभव में देश के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में इस सूची में शामिल कंपनियों में एशिया के सामान्य वर्कप्लेस की तुलना में वर्कप्लेस पर सकारात्मक अनुभव बताने वाले कर्मचारियों की संख्या भी अधिक है।

    हाई लेवल का विश्वास

    जब कंपनियां कर्मचारियों के साथ हाई लेवल का विश्वास बनाती हैं तो उनके जनरेटिव एआई के उदय समेत, अड़चनों के लिए तैयार रहने की संभावना अधिक होती है। ग्रेट प्लेस टू वर्क के सीईओ माइकल सी. बुश ने कहा, "ये प्रमुख कंपनियां रास्ता दिखा रही हैं, ऐसे वर्कप्लेस बना रही हैं जो कम्युनिटीज को मजबूत, राष्ट्रों को अधिक समृद्ध और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाते हैं।"

    कौन-कौन सी कंपनियां शामिल

    बुश ने आगे कहा, "एशिया में 2025 के बेस्ट वर्कप्लेस के विजेताओं को जो चीज अलग बनाती है, वह है उन सभी फैक्टर्स में कर्मचारियों का लगातार पॉजिटिव अनुभव जो वास्तव में एक बेहतरीन वर्कप्लेस कल्चर को परिभाषित करते हैं।"

    खबरें और भी

    इस साल की सूची में भारत में बिजनेस करने वाली जिन कंपनियों को शामिल किया गया है, उनमें नोवार्टिस, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, एरिक्सन, वीजा और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।

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    32 लाख से अधिक लोगों से मिला रेस्पॉन्स

    32 लाख से अधिक व्यक्तिगत प्रतिक्रियाओं वाले गोपनीय सर्वे के आंकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट पूरे क्षेत्र के लगभग 75 लाख कर्मचारियों के अनुभवों को दर्शाती है। इसमें कहा गया है कि 91 प्रतिशत कर्मचारी अपने काम को प्रभावित करने वाले फैसलों में शामिल महसूस करते हैं और 86 प्रतिशत कर्मचारी अपने रिपोर्टिंग मैनेजर से निष्पक्ष और न्यूट्रल व्यवहार की बात करते हैं।

    इसके अलावा, 93 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को लगता है कि उनकी उम्र, जेंडर, पद, नस्ल आदि की परवाह किए बिना उनके साथ उचित व्यवहार किया जाता है।