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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका से तेल खरीदेगा भारत

By Sachin MishraEdited By:
Updated: Wed, 29 Oct 2014 05:59 AM (IST)

भारत सरकार पश्चिम एशिया से कच्चे तेल (क्रूड) आपूर्ति संबंधी अनिश्चितता दूर करने में जुट गई है। इसके लिए सरकार तेल आयात के विविधीकरण की रणनीति अपनाएगी। ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। भारत सरकार पश्चिम एशिया से कच्चे तेल (क्रूड) आपूर्ति संबंधी अनिश्चितता दूर करने में जुट गई है। इसके लिए सरकार तेल आयात के विविधीकरण की रणनीति अपनाएगी। इसी के तहत वह अमेरिका से क्रूड खरीदना चाहती है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने यह जानकारी दी।

पश्चिम एशिया में स्थित तेल के दो बड़े स्त्रोत इराक व सीरिया आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के साथ लड़ाई में उलझे हुए हैं। ऐसे में देश के लिए तेल की सुरक्षित आपूर्ति बनाए रखने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है। भारत एशिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है। देश ने बीते वित्त वर्ष 2013-14 में 143 अरब डॉलर का क्रूड आयात किया है।

भारत चाहता है कि अमेरिका गैस निर्यात की अनुमति देने की अपनी नीति को तेल तक विस्तारित कर दे। प्रधान ने कहा कि मैंने हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इसमें मैंने उनसे कहा था कि वे भारत के लिए तेल आयात की इजाजत दें। हम भारत पश्चिम एशिया पर निर्भरता घटाने के उपक्रम में अमेरिका के अलावा लैटिन अमेरिकी देशों और रूस से भी तेल आयात करने की कोशिश में हैं।

गौरतलब है कि बीते वित्त वर्ष में भारत ने इराक से 2.46 करोड़ टन कच्चा तेल खरीदा था। यह देश के कुल तेल आयात का 13.02 फीसद है। इसके मुकाबले वेनेजुएला समेत समूचे दक्षिण अमेरिका से सिर्फ 3.1 करोड़ टन तेल आयात किया था। रूस से फिलहाल भारत आठ लाख टन क्रूड का आयात करता है।

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