खुशखबरी! तेल-गैस की किल्लत के बीच भारत को बड़ी कामयाबी, राजस्थान में मिला नया गैस भंडार; हरदीप सिंह पुरी का एलान
सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने राजस्थान के जैसलमेर बेसिन में एक नए गैस भंडार की खोज की है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे भारत की ऊर्जा ...और पढ़ें

ऑयल इंडिया ने राजस्थान के जैसलमेर में गैस भंडार खोजा
HighLights
ऑयल इंडिया ने राजस्थान के जैसलमेर में गैस भंडार खोजा।
हरदीप सिंह पुरी ने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बताया।
डांडेवाला क्षेत्र में 75 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस अनुमानित।
नई दिल्ली। मध्य पूर्व तनाव के चलते इस समय दुनिया एनर्जी संकट का सामना कर रही है। कई देश तेल और गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। इन सबके बीच भारत को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सरकारी कंपनी Oil India Limited ने राजस्थान के जैसलमेर बेसिन स्थित डांडेवाला क्षेत्र में एक नए गैस भंडार की खोज की है।
पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके नए गैस भंडार मिलने की जानकारी दी।
इस खोज को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश अभी भी अपनी बड़ी गैस जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।
प्रतिदिन 25000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर का उत्पादन
कंपनी के मुताबिक, डांडेवाला फील्ड में सानू फॉर्मेशन से पहली बार प्राकृतिक गैस का प्रवाह शुरू हुआ है। परीक्षण के दौरान यहां से करीब 25,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (SCMD) गैस का उत्पादन दर्ज किया गया। यह कुआं लगभग 950 मीटर की गहराई तक ड्रिल किया गया था।
हरदीप सिंह पुरी ने दी टीम को बधाई
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने इस उपलब्धि पर OIL की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह खोज भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। मंत्री ने टीम की मेहनत, तकनीकी दक्षता और प्रतिबद्धता की तारीफ करते हुए कहा कि यह राजस्थान में ऊर्जा उत्पादन का नया अध्याय साबित होगा।
India’s quest to strengthen domestic production of energy scripts a new chapter in Rajasthan.
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) May 23, 2026
The Energy Maharatna @OilIndiaLimited has successfully unlocked a new gas-bearing pay zone in the Dandewala Field. The flow of natural gas for the first time from the shallower Sanu… pic.twitter.com/1tGfE35QAO
पुरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है और यह खोज उसी प्रयास का हिस्सा है।
75 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस का अनुमान
प्रारंभिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस क्षेत्र में करीब 75 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (MMSCM) गैस संसाधन होने का अनुमान लगाया गया है। खास बात यह है कि डांडेवाला फील्ड में पहले से पारंपरिक गैस उत्पादन होता रहा है, लेकिन सानू फॉर्मेशन में पहली बार गैस की मौजूदगी साबित हुई है।
खबरें और भी
कंपनी का कहना है कि इस खोज से क्षेत्र की संभावनाएं और बढ़ेंगी तथा भविष्य में यहां और विकास एवं उत्पादन कार्य किए जा सकेंगे। OIL ने इसे “मिस्ड ऑपर्च्युनिटीज” रणनीति और आधुनिक तकनीकी हस्तक्षेप का परिणाम बताया है।
क्यों अहम है यह खोज?
भारत में प्राकृतिक गैस की खपत इस समय करीब 187 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन है। देश अपनी लगभग 50 प्रतिशत जरूरत LNG आयात के जरिए पूरी करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन बढ़ने से आयात बिल कम होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि इस नए कुएं से शुरुआती उत्पादन अभी सीमित है, लेकिन भविष्य में बड़े स्तर पर उत्पादन की संभावना जताई जा रही है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, यह खोज भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे देश को आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़ें- खुशखबरी: भारत के इस इलाके में मिला गुयाना के बराबर कच्चे तेल का भंडार! बदल जाएगी देश की किस्मत