ट्रंप को झटके पर झटका! 'मदर ऑफ ऑल डील्स' की ओर भारत-यूरोप; Trump Tariff की खैर नहीं, बनेगा इतना बड़ा बाजार!
India EU free trade agreement: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दावोस में कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील के ...और पढ़ें
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ट्र्रंप को झटके पर झटका! 'मदर ऑफ ऑल डील्स' की ओर भारत-यूरोप; धरा रह जाएगा Trump Tariff, बनेगा इतना बड़ा बाजार!
HighLights
भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील अंतिम चरण में
2 अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा
ट्रंप टैरिफ के बीच नया पावर ब्लॉक
नई दिल्ली| दुनिया में ट्रेड वॉर और ट्रंप टैरिफ की हलचल के बीच भारत और यूरोपीय यूनियन एक ऐतिहासिक ट्रेड डील (India EU free trade agreement) के बेहद करीब पहुंच गए हैं, जो वैश्विक व्यापार की दिशा बदल सकती है। यह बात खुद यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) ने दावोस में साफ-साफ कही।
बनेगा 2 अरब लोगों का साझा बाजार
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (mother of all deals) साबित हो सकता है। यह डील करीब 2 अरब लोगों (2 billion people market India EU) का साझा बाजार बनाएगी, जो दुनिया की लगभग 25% ग्लोबल GDP का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने माना कि अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन समझौता अब निर्णायक मोड़ पर है।
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26-27 जनवरी को दौरे पर रहेंगी लेयेन
वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा 25 से 27 जनवरी के बीच भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे और Narendra Modi के साथ शिखर वार्ता करेंगे। 27 जनवरी को होने वाले इंडिया-ईयू समिट में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत पूरी होने की घोषणा हो सकती है।
भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर ईयू
यूरोपीय यूनियन पहले से ही भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत-ईयू के बीच 135 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। प्रस्तावित FTA से ऑटो, फार्मा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
खबरें और भी
यह डील ऐसे समय पर आगे बढ़ रही है, जब अमेरिका की टैरिफ नीति खासतौर पर डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के दौर से जुड़े सख्त ट्रेड रुख ने ग्लोबल सप्लाई चेन को झटका दिया है। इसी दबाव के बीच भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय यूनियन (European Union) एक-दूसरे के लिए भरोसेमंद साझेदार बनकर उभर रहे हैं।
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भारतीय कंपनियों को SAFE में भागीदारी का मौका
ट्रेड डील के साथ-साथ दोनों पक्ष डिफेंस और सिक्योरिटी पार्टनरशिप (SDP), साझा रणनीतिक एजेंडा और 2026-2030 की जॉइंट स्ट्रैटेजिक विजन भी पेश कर सकते हैं। इससे भारतीय कंपनियों को यूरोप के डिफेंस प्रोग्राम SAFE में भागीदारी का मौका मिलेगा। कुल मिलाकर, ट्रंप टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितता के बीच इंडिया-ईयू ट्रेड डील न सिर्फ व्यापार बढ़ाने की कोशिश है, बल्कि बदलती दुनिया में एक नया पावर ब्लॉक बनाने की रणनीति भी है।