यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indian Railway Rule: 5 साल से छोटे बच्चे को लेकर ट्रेन में कर रहे हैं सफर तो जान लें ये नियम, बच जाएंगे पैसे
Indian Railways Says It is optional for passengers to buy ticket and book berth for children below 5 years ट्रेन से सफर करते हैं छोटे बच्चे को साथ लेक ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत में लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं। ट्रेन से सफर करने के साथ ही भारतीय रेलवे के नियम यात्रियों की छोटी-छोटी दुविधाओं को दूर करने के काम आते हैं। अगर आप भी ट्रेन से सफर करते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए काम की जानकारी वाली हो सकती है।
कई बार ट्रेन से सफर के दौरान छोटे बच्चों को भी साथ ले जाने की जरूरत होती है, ऐसे में अगर बच्चे की टिकट बुक नहीं करवा पाते हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे ने इसके लिए कुछ नियम बनाए हैं। इन नियमों को बताने के साथ ही आपकी दुविधा को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं-
क्या भारतीय रेलवे के नियम में कोई बदलाव हुआ है?
दरअसल पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि 5 साल से छोटे बच्चों के लिए ट्रेन की टिकट बुक करवाना जरूरी होगा।
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बता दें, भारतीय रेलवे ने इस तरह का कोई बदलाव पेश नहीं किया है। आप पहले की तरह ही पुराने नियम के साथ बच्चे को लेकर ट्रेन में सफर कर सकते हैं।
5 साल से छोटे बच्चों के लिए क्या है भारतीय रेलवे का नियम?
5 साल से छोटे बच्चों को लेकर अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं तो इसके लिए बर्थ बुक करने की जरूरत नहीं है। आप बच्चे को फ्री में सफर करवा सकते हैं। हालांकि, अगर आप बच्चे के लिए अलग से टिकट और बर्थ बुक करवाना चाहते हैं तो ऐसा करने में भी कोई मनाही नहीं है।
बच्चे के लिए टिकट और बर्थ करते हैं तो क्या फायदा मिलेगा?
हालांकि, बच्चे के लिए फ्री ट्रैवल सुविधा का लाभ नहीं लेना चाहते हैं और इसके लिए भी पे करना चाहते हैं तो बच्चे के लिए एक अलग से बर्थ को बुक कर सकते हैं।
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अगर यात्री को बच्चे के अलग से बर्थ की जरूरत महसूस नहीं हो रही तो वे बच्चे को फ्री में यात्रा करवा सकते हैं।
बच्चे के लिए टिकट और बर्थ बुक करने के लिए कितना चार्ज लगेगा?
बच्चे के लिए टिकट और बर्थ बुक करवाना चाहते हैं तो इसके लिए पूरा एडल्ट फेयर ही चार्ज किया जाएगा। भारतीय रेलवे के 06.03.2020 सर्कुलर में इस नियम को साफ किया गया है।
