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अप्रैल में औद्योगिक विकास दर घटकर 4.9% पर पहुंची, 2022-23 नए आधार वर्ष के साथ जारी हुए आंकड़े

Published: Mon, 01 Jun 2026 06:05 PM (IST)Updated: Mon, 01 Jun 2026 06:12 PM (IST)

देश का औद्योगिक उत्पादन अप्रैल में सालाना आधार पर 4.9% तक गिर गया, जो पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा क्षेत्र में धीमी वृद्धि के कारण हुआ।

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HighLights

  1. अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 4.9% पर पहुंची।

  2. 2022-23 को नया आधार वर्ष बनाया गया।

  3. ऊर्जा क्षेत्र की सुस्त वृद्धि मुख्य कारण।

नई दिल्ली। देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि अप्रैल में सालाना आधार पर घटकर 4.9 प्रतिशत रही है। पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सुस्त वृद्धि के कारण औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि कम रही है। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। यह आधार वर्ष में संशोधन कर 2022-23 किये जाने के बाद आईआईपी का पहला आंकड़ा है।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापे जाने वाले औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि अप्रैल, 2025 में 5.7 प्रतिशत रही थी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अप्रैल, 2026 के लिए चार क्षेत्रों... खनन और उत्खनन, विनिर्माण, बिजली और गैस आपूर्ति, जल आपूर्ति, दूषित जल और अपशिष्ट प्रबंधन... की वृद्धि दर क्रमशः (-) 5.1 प्रतिशत, 6.2 प्रतिशत, 4.9 प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत रही।

बयान में कहा गया है कि आईआईपी 118.9 रहने का अनुमान है जो अप्रैल, 2025 में 113.1 था। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। वस्तुओं की संशोधित सूची में 1,042 उत्पाद शामिल हैं जिन्हें 463 मद समूहों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें 120 नए मद समूह शामिल हैं। आधार वर्ष संशोधन का यह कार्य अखिल भारतीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (टीएसी-आईआईपी) के आधार वर्ष संशोधन को लेकर तकनीकी सलाहकार समिति के अंतर्गत किया गया है।

समिति की रिपोर्ट 25 मई, 2026 को जारी की गई, जिसने भारत में औद्योगिक उत्पादन के अधिक सुदृढ़, प्रासंगिक और व्यापक माप की नींव रखी। यह आईआईपी के आधार वर्ष का 10वां संशोधन है। पहला आईआईपी 1937 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया था। मंत्रालय के अनुसार, नई आईआईपी श्रृंखला नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन, गैस आपूर्ति, ईंधन खनिज, धात्विक और अधात्विक खनिज, जल आपूर्ति, दूषित जल और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अलग-अलग सूचकांकों के साथ अधिक विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।

नई आईआईपी श्रृंखला में कुल 120 नए मद समूह जोड़े गए हैं, जिनमें ‘मैग्नेटिक’ पट्टी वाले कार्ड (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड), सीसीटीवी कैमरा, गैर-बुने हुए वस्त्रों की वस्तुएं, विमान और अंतरिक्ष यान के पुर्जे, स्टेंट और टीके शामिल हैं। साथ ही, केरोसिन, फ्लोरोसेंट ट्यूब और सीएफएल, साइकिल/ट्राइसाइकिल/रिक्शा/एलएमवी टायरों के लिए ट्यूब, प्रिंटिंग मशीनरी और सिलाई मशीन सहित 64 मद समूहों को हटा दिया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि विस्तारित वस्तुओं से प्रतिनिधित्व में सुधार होता है, औद्योगिक उत्पादन में विविधता को बेहतर ढंग से दर्शाया जाता है और उभरते औद्योगिक उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को प्रतिबिंबित किया जाता है। आईआईपी को संदर्भ माह से 28 दिन के अंतराल के साथ हर महीने जारी किया जाएगा।

भाषा इनपुट के साथ

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