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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    LIC ने सरकार को 2,441 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी जानकारी

    By Jagran News Edited By: Suneel Kumar
    Updated: Fri, 01 Mar 2024 08:22 PM (GMT+05:30)

    लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2441.44 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक दिया। एलआईसी का मालिकाना ...और पढ़ें

    LIC देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है
    LIC देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने शुक्रवार को सरकार को 2,441 करोड़ रुपये के डिविडेंड दिया। इस बात की जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके दी।

    इसमें लिखा गया, 'लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2,441.44 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक सौंपा।' वित्त मंत्री को यह चेक फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी विवेक जोशी की मौजूदगी में दिया गया।

    एलआईसी का मालिकाना हक सरकार के पास है। इसमें सरकार की हिस्सेदारी 96.5 फीसदी है। पहले सरकार का कंपनी 100 फीसदी स्वामित्व था, लेकिन इसने आईपीओ के जरिए 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी।

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    पिछले साल LIC ने सरकार को 1,831.09 करोड़ रुपये के डिविडेंड का चेक सौंपा था। LIC ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए प्रति शेयर डेढ़ रुपये का डिविडेंड दिया था, जिसका ऐलान 31 मई 2022 को किया था।

    हालांकि, ऐसा नहीं है कि एलआईसी हर साल डिविडेंड देती है। सरकारी बीमा कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 में कोई डिविडेंड नहीं दिया था। तब सरकार ने संसद में बताया था कि इस बार LIC ने डिविडेंड देने की बजाय फ्री रिजर्व का इस्तेमाल अपना पेड-कैपिटल बढ़ाने में किया था।

    68 साल मार्केट में टिकी है LIC

    LIC का गठन 1 सितंबर 1956 को हुआ था। यह मार्केट में करीब सात दशक से टिकी हुई है। इसकी शुरुआती पूंजी 1956 में 5 करोड़ रुपये थी। वहीं 31 मार्च 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इसका असेट बेस 45.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इंश्योरेंस सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर की कई दिग्गज कंपनियां एंट्री ले चुकी हैं, फिर भी एलआईसी मार्केट लीडर बनी हुई है।

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