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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Insurance after Retirement: रिटायरमेंट के बाद नहीं होगी इंश्‍योरेंस की टेंशन, 65 की उम्र के बाद भी मिलेगा बीमा

    Updated: Sat, 20 Apr 2024 10:43 PM (IST)

    अब 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति भी अपना हेल्थ इंश्योरेंस करा सकेंगे। निजी कंपनियां उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस देने से मना नहीं कर सकेंगी। वहीं 60 माह य ...और पढ़ें

    हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियं को 5 साल तक हेल्थ कवरेज के बाद हर हाल में देना होगा सभी बीमारी का क्लेम।
    हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियं को 5 साल तक हेल्थ कवरेज के बाद हर हाल में देना होगा सभी बीमारी का क्लेम।

    HighLights

    1. 65 साल से अधिक उम्र के लोग भी अब ले सकेंगे हेल्थ इंश्योरेंस
    2. भारतीय बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण (इरडा) ने जारी किए नए निर्देश

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अब 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति भी अपना हेल्थ इंश्योरेंस करा सकेंगे। निजी कंपनियां उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस देने से मना नहीं कर सकेंगी। वहीं, 60 माह या पांच साल तक हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज जारी रहने के बाद कंपनी किसी भी बहाने से आपके इंश्योरेंस क्लेम को खारिज नहीं कर सकेगी। पहले आठ साल तक लगातार कवरेज के बाद यह सुविधा प्राप्त होती थी।

    इरडा ने जारी किया नया निर्देश

    भारतीय बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण (इरडा) ने इस संबंध में नए निर्देश जारी किए है जो चालू वित्त वर्ष से लागू माना जाएगा। अभी कई बार हेल्थ इंश्योरेंस देने वाली कंपनियां किसी बहाने से या यह कहकर इंश्योरेंस क्लेम को खारिज कर देती है कि इस बीमारी के बारे में इंश्योरेंस कवरेज लेने के दौरान नहीं बताया गया था। लेकिन पांच साल तक कवरेज जारी रहने के बाद कंपनी यह भी नहीं कह सकेगी। उन्हें हर बीमारी के इलाज के क्लेम का भुगतान करना होगा।

    तीन साल के बाद मिलने लगेगा कवरेज

    उपभोक्ता के हक में इरडा ने एक और फैसला लिया है, जिसके मुताबिक पहले से घोषित बीमारी का कवरेज अब तीन साल के बाद मिलने लगेगा। पहले इसकी सीमा चार साल की थी। मान लीजिए कोई उपभोक्ता मधुमेह से पहले से पीड़ित है तो कवरेज लेने के चार साल के बाद इस बीमारी के नाम पर उसे अस्पताल में भर्ती का क्लेम मिलता था जो अब तीन साल कर दिया गया है।

    इंश्योरेंस कंपनियों को विभिन्न उम्र के लोगों के मुताबिक हेल्थ उत्पाद लाने की इजाजत दे दी गई है। अब वरिष्ठ नागरिक, महिला या छात्रों के लिए अलग-अलग किस्म के हेल्थ इंश्योरेंस उत्पाद लांच किए जा सकेंगे।

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