यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ITR फाइल करने की आज लास्ट डेट, जानिए क्या बढ़ाई जाएगी इसकी डेडलाइन
ITR रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख आज है। आज रात के 12 बजे के बाद कोई व्यक्ति रिटर्न फाइल करता है तो उन्हें पेनल्टी देनी पड़ सकती है। रिटर्न फाइल की ...और पढ़ें

HighLights
- अभी तक लगभग 6 करोड़ टैक्सपेयर्स ने रिटर्न फाइल कर दिया है।
- करदाता को हर हालत में आज ही रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए।
- देश में अब तक 5 करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल हो चुके हैं।
नई दिल्ली,बिजनेस डेस्क। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज है। अभी तक लगभग 6 करोड़ टैक्सपेयर्स ने रिटर्न फाइल कर दिया है। अगर आपने अभी तक रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आपको आज ही ये काम कर देना चाहिए। वैसे अगर कोई करदाता आज रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो वह 31 दिसंबर 2023 तक आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए उनको जुर्माना देना पड़ेगा। कई करदाता अभी भी इसी उम्मीद से बैठे हैं कि इसकी तारीख आगे बढ़ा दी जाएगी।
पिछले हफ्ते भारत के राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा था कि आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए डेट को आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है। करदाता को हर हालत में आज ही रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए। वहीं देश के कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले करदाता चाहते हैं कि उनके लिए आईटीआर फाइल करने की सीमा में कोई छूट देनी चाहिए।
इनके अलावा कई चार्टर्ड अकाउंटेंट का कहना भी है कि वित्त मंत्रालय को बाढ़ प्रभावित राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और यहां तक कि गुजरात के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के करदाताओं और छोटे व्यवसायों के लिए इस समय सीमा को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
बाढ़ प्रभावित राज्यों में रिटर्न-फाइलिंग
बाढ़ प्रभावित राज्यों के करदाता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई है, जिस वजह से आईटीआर दाखिल करने की प्रक्रिया में भी देरी आ रही है। अगर उन्हें कोई छूट मिल जाए तो यह उनके लिए काफी फायदेमंद होगा। आपको बता दें कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ट्वीट करके जानकारी दी थी कि देश में अब तक 5 करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल हो चुके हैं। इनमें से लगभग 2 करोड़ से ज्यादा रिटर्न को सत्यापित और संसाधित भी किया जा चुका है।
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रिटर्न फाइल की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की जरूरत है
रिटर्न फाइल करते समय अक्सर कुछ देरी या फिर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रिटर्न फाइल करने का प्रोसेस जटिल है क्योंकि एक छोटी सी गलती करदाता को भारी परेशानी में डाल सकती है। कई बार पूरी तरह की जानकारियों से अवगत ना रहने की वजह से करदाता को चार्टर्ड अकाउंटेंट के पास जाना होता है। करदाता को किसी भी तरह की त्रुटि या फिर देरी का सामना ना करना पड़े इसके लिए रिटर्न-फाइलिंग प्रक्रिया को कुशल बनाने की आवश्यकता है।
