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कौन हैं दिल्ली के जैसल सिंह, जिन्होंने अफ्रीका में खरीद डाले दो सफारी कैंप? इस देश में दिखेगी जवाई-रणथंभौर की झलक

Published: Tue, 29 Sep 2026 12:13 PM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2026 06:03 PM (IST)

Africa New Safari Camp: भारतीय होटल कारोबारी जैसल सिंह के लक्जरी ब्रांड SUJAN ने जाम्बिया में 'चियावा कैंप' और 'ओल्ड ...और पढ़ें

ये भारतीय अरबपति अफ्रीका में दिखाएगा लग्जरी!

ये भारतीय अरबपति अफ्रीका में दिखाएगा लग्जरी!

HighLights

  1. SUJAN ने जाम्बिया में 'चियावा कैंप' और 'ओल्ड मोंडोरो' खरीदे।

  2. यह SUJAN का भारत से बाहर पहला अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण है।

  3. डील संरक्षण-नेतृत्व वाले लक्जरी पर्यटन पर केंद्रित है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारतीय होटल कारोबारी जैसल सिंह (Jaisal Singh) के कंजर्वेशन-लेड लक्जरी ब्रांड SUJAN ने पहली बार भारत से बाहर बड़ा कदम रखते हुए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील क्रैक की है। कंपनी ने अफ्रीका 17वें सबसे बड़े देश जाम्बिया (Zambia) स्थित विश्व प्रसिद्ध 'चियावा कैंप' (Chiawa Camp) और 'ओल्ड मोंडोरो' (Old Mondoro) सफारी कैंप का अधिग्रहण कर लिया है।

जाम्बिया के 'चियावा' और 'ओल्ड मोंडारो' में अधिग्रहण

जैसल सिंह की कंपनी 'सुजान' ने जाम्बिया के 'चियावा कैंप' और 'ओल्ड मोंडोरो' दो सरकारी कैंपों को खरीदा है। यह पहली बार है जब इस कंपनी ने भारत के बाहर कोई बिजनेस खरीदा है। इस डील की घोषणा 'चियावा सफारीज' के द्वारा की गई। हालांकि दोनों पक्षों में से किसी भी पक्ष ने यह खुलासा नहीं किया कि इसके लिए कितनी कीमत चुकाई गई।

इस सफारी कैंप की क्या है खासियत?

ये दोनों कैंप दक्षिणी अफ्रीका के सबसे कम विकसित संरक्षित इलाकों में से एक, 'लोअर जाम्बेजी नेशनल पार्क' में जाम्बेजी नदी के किनारे स्थित हैं। 'चियावा' पुराना और ज्यादा मशहूर है, जबकि 'ओल्ड मोंडोरो' पार्क के अंदरूनी हिस्से में स्थित है और वहां सिर्फ कुछ ही टेंट हैं। 

इस डील के पीछे क्या है मकसद?

जैसल सिंह का कहना है कि अफ्रीका उनके लिए हमेशा से एक खास जगह रही है। सिर्फ वहां के वाइल्डलाइफ और नजारों की वजह से ही नहीं, इसलिए भी कि इस महाद्वीप ने दिखाया है कि कैसे जिम्मेदार टूरिज्म संरक्षण में एक पार्टनर के तौर पर काम कर सकता है। उन्होंने इस खरीद को महज एक भौगोलिक विस्तार से कहीं ज्यादा अहम बताया।

वहां उनका पहले से ही एक कैंप था। SUJAN कई सालों से केन्या के मसाई मारा में 'एलिफेंट पेपर कैंप' चला रहा है, इसलिए जाम्बिया में यह प्रॉपर्टी कंपनी की पहली अफ्रीकी प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि पहली अफ्रीकी खरीद है।

कौन हैं जैसल सिंह?

जैसल सिंह का फैमिली और व्यवसायिक बैंकग्राउंड काफी मजबूत माना जाता है। इसके साथ ही वे भारत की जानी-मानी ऑटोमोटिव पार्ट्स निर्माता कंपनी 'Anand ग्रुप' के सुपरवाइजरी बोर्ड के डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव बोर्ड के वाइस चेयरमैन हैं। उनकी पत्नी अंजली सिंह सुजान की को-फाउंडर के साथ Anand ग्रुप की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन भी हैं।

साल 2000 में जैसल सिंह ने रणथंभौर में 'शेर बाग' खोला था, जो भारत के पहले लग्जरी सफारी कैंपों में से एक है। इसके बाद उन्होंने अमन रिसॉर्ट्स के साथ मिलकर उसी रिजर्व में 'अमन-ए-खास' बनाया। 2009 में जैसलमेर में 'द सराई' और 2013 में जोधपुर और उदयपुर के बीच तेंदुओं के इलाके में 'जवाई' बनाया गया। 

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