'JP Associates की विरासत को अदाणी आगे बढ़ाएं', अनिल अग्रवाल के दावों के बीच जयप्रकाश गौड़ ने तोड़ी चुप्पी!
JP Associates के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने पहली बार गौतम अदाणी द्वारा कंपनी के अधिग्रहण पर बयान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि अदाणी समूह ...और पढ़ें

'JP Associates की विरासत को गौतम अदाणी आगे बढ़ाएंगे', जेपी को खड़ी करने वाले जयप्रकाश गौड़ ने तोड़ी चुप्पी
HighLights
जयप्रकाश गौड़ ने अदाणी अधिग्रहण पर पहली बार बयान दिया।
गौतम अदाणी जेपी एसोसिएट्स की विरासत आगे बढ़ाएंगे।
अदाणी समूह को सफल समाधान आवेदक चुना गया।
नई दिल्ली। दिवालिया प्रक्रिया में गौतम अदाणी के हाथों बिकी JP Associates के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि अदाणी ग्रुप जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) की विरासत को "नई ऊर्जा, जिम्मेदारी और उद्देश्य" के साथ (Jaiprakash Gaur Statement on Adani Group Acquisition of JAL) आगे बढ़ाएगा। यही पहली बार है जब उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ कहा है।
इससे पहले इस खरीदारी को लेकर वेदांता के अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) ने सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि JAL के फाउंडर जयप्रकाश गौड़ ने उनसे मिलकर अपना व्यवसाय संभालने की इच्छा जताई थी। अग्रवाल के अनुसार, गौड़ चाहते थे कि कड़ी मेहनत से बनाया गया उनका साम्राज्य सुरक्षित हाथों में रहे। अब गौड़ का यह बयान भारी कर्ज में डूबी JAL के अधिग्रहण को लेकर चल रही कानूनी खींचतान के बीच सामने आया है।
Jaiprakash गौड़ को अदाणी ग्रुप पर भरोसा
Jaiprakash Associates Limited के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की विरासत को अदाणी ग्रुप की लीडरशिप में आगे बढ़ाया जाएगा। अडानी ग्रुप को सफल रिजॉल्यूशन एप्लीकेंट के तौर पर चुना गया है। शुक्रवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
गौड़ ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि गौतम अडानी के नेतृत्व में, जयप्रकाश एसोसिएट्स की विरासत को नई ऊर्जा, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी स्टेकहोल्डर्स की उम्मीदें पूरी हों।"
JP Group के फाउंडर गौड़ ने की CoC की सराहना
जयप्रकाश गौड़ ने आगे कहा, "लेनदारों की समिति ने अदाणी समूह को सफल समाधान आवेदक के तौर पर चुना है, और हम इस फैसले का पूरी तरह सम्मान करते हैं।”
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गौड़ ने CoC और समाधान पेशेवर द्वारा अपनाई गई "निष्पक्ष और पारदर्शी' प्रक्रिया की भी सराहना की, और दिवाला कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए अडानी समूह और वेदांता समूह, दोनों का धन्यवाद किया।
NCLT के आदेश को वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
पिछले महीने, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने JAL को खरीदने के लिए अदाणी ग्रुप की ₹14,535 करोड़ की बोली को मंज़ूरी दे दी थी। लेकिन इस फैसले को वेदांता लिमिटेड ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में चुनौती (Vedanta challenged JP Group in Supreme Court Adani acquisition) दी थी, जिसने ₹17,926 करोड़ की ज्यादा बोली लगाई थी।
वेदांता ने NCLT के आदेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि 24 मार्च को NCLAT ने अदाणी ग्रुप के समाधान प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के खिलाफ उसकी याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें अदाणी ग्रुप की बोली को लागू करने पर रोक लगाने से मना किया गया था।