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ये हैं भारत की सबसे बड़ी पाइप कंपनी के मालिक, सेफ नौकरी छोड़ लिया था जोखिम; आज जेब में ₹4700 करोड़, अंबानी भी इनके कस्टमर

Updated: Thu, 20 Aug 2026 02:19 PM (IST)

केएल बंसल ने अपनी सुरक्षित नौकरी छोड़कर 1988 में डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स की स्थापना की, जो आज भारत की सबसे बड़ी प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशन कंपनी है। उनकी कंपनी ने तेल, गैस और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च-सटीक इंजीनियरिंग सिस्टम बनाकर हजारों करोड़ रुपये का कारोबार खड़ा किया है।

केएल बंसल की सफलता की कहानी

केएल बंसल की सफलता की कहानी

HighLights

  1. केएल बंसल ने सुरक्षित नौकरी छोड़ शुरू किया व्यवसाय

  2. डीईई डेवलपमेंट इंजीनियर्स बनी भारत की सबसे बड़ी कंपनी

  3. 4700 करोड़ रुपये की कंपनी के चेयरमैन और एमडी

नई दिल्ली। अकसर सफल कारोबारी जीवन में रिस्क लेकर ही आगे बढ़ते हैं। कुछ नाकाम होते हैं और कुछ कामयाब होकर अपनी पहचान का लोहा मनवाते हैं। आज हम आपके लिए एक ऐसी ही कहानी लेकर आए हैं। ये कहानी है केएल बंसल (KL Bansal Success Story) की, जिन्होंने अपनी एक सेफ जॉब छोड़कर बिजनेस शुरू किया और हजारों करोड़ रुपये की कंपनी बनाई।

कौन-सी कंपनी शुरू की?

कृष्ण ललित बंसल (के एल बंसल) ने 1988 में DEE डेवलपमेंट इंजीनियर्स की शुरुआत की। यह कंपनी एक छोटे से स्टार्टअप से बढ़कर क्षमता के मामले में भारत की सबसे बड़ी प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशन देने वाली कंपनी बन गई।
बंसल ने तेल और गैस, बिजली और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम सेक्टर के लिए हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग सिस्टम बनाने के मकसद से अपनी नौकरी छोड़ दी थी।

किस कंपनी में करते थे जॉब?

बंसल इंजीनियर्स इंडिया में जॉब करते थे। वे एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग में बेहतरीन काम को प्राथमिकता देने और खास तरह के हाई-प्रेशर प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशंस की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए यह कंपनी शुरू की।
आज DEE एक प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी है जो प्रोसेस पाइपिंग सॉल्यूशंस में माहिर है। इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के मामले में यह इस सेक्टर में भारत की सबसे बड़ी कंपनी है और तकनीकी क्षमता के मामले में दुनिया की लीडिंग कंपनियों में से एक है।
कंपनी पावर, ऑयल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, केमिकल्स और न्यूक्लियर सेक्टर में जटिल इंडस्ट्रियल पाइपिंग जरूरतों के लिए डिज़ाइन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग सेवाएँ देती है।

क्या-क्या प्रोडक्ट बनाती है?

  • पाइपिंग स्पूल्स
  • मॉड्यूलर पाइपिंग (स्किड्स और मॉड्यूल्स)
  • इंडक्शन पाइप बेंड्स
  • इंडस्ट्रियल पाइप फिटिंग्स
  • इंडस्ट्रियल स्टैक्स
  • विंड टर्बाइन टावर्स
  • प्रेशर वेसल्स

कहां-कहां हैं प्रोडक्शन यूनिट?

DEE भारत और थाईलैंड में 7 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चलाती है। भारत में, इसकी तीन यूनिट पलवल (हरियाणा) में हैं, कई यूनिट अंजार (गुजरात) में हैं (जिनमें हेवी फैब्रिकेशन प्लांट भी शामिल हैं), और बाड़मेर (राजस्थान) व नुमालीगढ़ (असम) में भी अतिरिक्त यूनिट हैं।
इंटरनेशनल लेवल पर, इसकी एक बड़ी यूनिट बैंकॉक (थाईलैंड) में और एक इंजीनियरिंग फैसिलिटी चेन्नई में है, जिनकी कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 1,12,500 MTPA है।

कौन-कौन हैं क्लाइंट?

मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज, मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज, तोशिबा, JSW पावर सिस्टम्स, मैन, जॉन कॉकरिल, नूटर एरिक्सन और हनीवेल इसके क्लाइंट्स हैं। कंपनी की मार्केट कैपिटल 4700 करोड़ रुपये है। केएल बंसल आज भी कंपनी के चेयरमैन और एमडी हैं।

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