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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब सबको मिलेगा परमानेंट पीएफ अकाउंट नंबर!

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Updated: Mon, 10 Feb 2014 09:48 AM (IST)

अब जल्द ही आपको एक परमानेंट पीएफ अकाउंट नंबर मिलने वाला है। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से समयबद्ध तरीके से अपने 5 करोड़ अंशधा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। अब जल्द ही आपको एक परमानेंट पीएफ अकाउंट नंबर मिलने वाला है। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से समयबद्ध तरीके से अपने 5 करोड़ अंशधारकों को परमानेंट पीएफ अकाउंट नंबर देने को कहा है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को नौकरी बदलने के बाद पीएफ अकाउंट नंबर ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सूत्रों के मुताबिक, श्रम सचिव गौरी कुमार ने 5 फरवरी को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) की बैठक में ईपीएफओ को इस बारे में दिशानिर्देश दिए। इससे जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुमार ने ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त के. के. जालान से बोर्ड की अगली बैठक में इस मामले में हुई प्रगति के बारे में जानकारी देने और यह काम पूरा करने के लिए समयसीमा उपलब्ध कराने को कहा। हालांकि, अगली बैठक की तारीख अभी तय नहीं है।

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परमानेंट पीएफ अकाउंट नंबर से निर्माण जैसे क्षेत्रों में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी, क्योंकि ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां वे ठेकेदारों और काम की जगह बार-बार बदलते हैं। श्रम मंत्रालय की कार्य योजना के मुताबिक, ईपीएफओ को यूनीक इंप्लॉई नंबर (विशिष्ट कर्मचारी संख्या) के लिए सिस्टम तैयार करना है, जो कोर बैंकिंग सेवा की तर्ज पर सुविधाएं दिलाने में मददगार होगा।

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परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि 2014-15 में इस तरह की सुविधा देना मुश्किल नहीं है, क्योंकि ईपीएफओ के 123 क्षेत्र कार्यालयों का डिजिटलाइजेशन हो चुका है और इसे केंद्रीय सर्वर से जोड़ा जा सकता है। अंशधारकों को परमानेंट पीएफ अकाउंट नंबर देने के लिये ईपीएफओ को केंद्रीय सर्वर लगाना होगा, जो उसके सभी 123 कार्यालयों से जुड़ेगा। फिलहाल, ईपीएफओ अंशधारकों को नौकरी बदलने पर पीएफ खातों को ट्रांसफर के लिये आवेदन देना होता है। साथ ही उन्हें नौकरी बदलने पर हर बार नया पीएफ अकाउंट नंबर दिया जाता है।