60 की उम्र में LIC से रिटायरमेंट के बाद शुरू किया बिजनेस, आज बने देश के तीसरे बड़े ट्रैक्टर निर्माता
लक्ष्मण दास मित्तल (Lachhman Das Mittal) ने 60 साल की उम्र में LIC से रिटायर होने के बाद सोनालिका समूह की शुरुआत की। आज 95 वर्ष की उम्र (India Oldest ...और पढ़ें

HighLights
60 की उम्र में LIC से रिटायर होकर शुरू किया बिजनेस
सोनालिका समूह भारत की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी
सबसे अमीर लोगों में 60वें स्थान पर हैं लक्ष्मण दास
नई दिल्ली। उम्र कभी भी सपनों और नई शुरुआत में बाधा या सीमा नहीं बन सकती है। भारतीय उद्योग जगत में ऐसे कुछ नाम हैं जो इस बात को साबित कर रहे हैं। उनकी सफलता न केवल मिसाल है, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि आप किसी भी उम्र में बड़ा बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
ऐसे ही एक प्रेरक व्यक्तित्व हैं सोनालिका समूह के फाउंडर लक्ष्मण दास मित्तल (Lachhman Das Mittal), जिन्होंने 60 साल की उम्र ( India Oldest Billionaire) में अपना व्यवसायिक सफर शुरू किया और आज 95 वर्ष की उम्र में भी कारोबार संभाल रहे हैं।
लक्ष्मण दास मित्तल ने 1990 में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से रिटायर होने के बाद बिजनेस करने की राह चुनी। उस समय बहुत कम लोग सोच सकते थे कि एक रिटायर्ड ऑफिसर भारत की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी की नींव रखेगा। लेकिन मित्तल ने अपने एक्सपीरियंस, दूरदृष्टि और मेहनत के बल पर सोनालिका ग्रुप को एक वैश्विक पहचान दिलाई।आज सोनालिका समूह की प्रमुख कंपनी इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स भारत में बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से तीसरे स्थान पर है। जापान की दिग्गज कंपनी यानमार की इसमें 30 फीसदी हिस्सेदारी है, जो इस बात का प्रमाण है कि भारतीय कृषि मशीनरी क्षेत्र में सोनालिका की विश्वसनीयता कितनी मजबूत है।
बड़ा दिलचस्प है सोनालिका का नाम
सोनालिका नाम का अर्थ हिंदी में सोने की लकीरें होता है। यह नाम उस गेहूं की किस्म से प्रेरित है जिसने भारत की हरित क्रांति में अहम भूमिका निभाई थी। यह नाम स्वयं मित्तल के दृष्टिकोण को दिखाता है। किसानों की समृद्धि और कृषि के माध्यम से देश की प्रगति को बताता है।
लक्ष्मण दास मित्तल के पास कितनी दौलत
फोर्ब्स की 2025 लिस्ट में लक्ष्मण दास मित्तल (Lachhman Das Mittal Net Worth) भारत के सबसे अमीर लोगों में 60वें स्थान पर हैं। वहीं दुनिया की अरबपतियों की लिस्ट में वह 581वें स्थान पर हैं। लक्ष्मण दास मित्तल की नेटवर्थ 4.9 बिलियन डॉलर (करीब 44,578 करोड़ रुपये) है। उनकी दौलत का मुख्य सोर्स ट्रैक्टर इंडस्ट्री है। वह दिल्ली में रहते हैं, विधुर हैं और उनके पांच बच्चे हैं।
बेटा-बेटी-पोते संभाल रहे बिजनेस
उन्होंने इस बिजनेस को चलाने की जिम्मेदारी अपने बेटों अमृत सागर और दीपक, पोते रमन, सुषांत और राहुल को सौंप दी है। इसके बावजूद मित्तल आज भी रणनीतिक फैसलों और भविष्य की योजनाओं में सक्रिय तरीके से हिस्सा लेते हैं।
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उनकी बेटी उषा सांगवान भी एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व रही हैं, जो एलआईसी की पहली महिला प्रबंध निदेशक बनीं और अब रिटायर हो चुकी हैं।
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