सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    BATA भारतीय कंपनी नहीं, 131 साल पहले इन बहन-भाइयों ने की शुरू; आज दुनिया में बजता है डंका

    Updated: Thu, 04 Dec 2025 12:44 PM (IST)

    बाटा इंडिया (Bata India Success Story), जिसे कई लोग भारतीय ब्रांड मानते हैं, वास्तव में स्विट्जरलैंड की कंपनी है। इसकी शुरुआत 1894 में एंटोनिन बाटा और ...और पढ़ें

    बाटा इंडिया भारत की कंपनी नहीं है

    बाटा इंडिया भारत की कंपनी नहीं है

    HighLights

    1. बाटा इंडिया भारतीय नहीं, स्विस कंपनी

    2. 1894 में हुई थी बाटा की शुरुआत

    3. 1931 में बाटा ने भारत में किया प्रवेश

    नई दिल्ली। भारत में जो पुराने फुटवियर ब्रांड फेमस हैं, उनमें बाटा इंडिया (Bata India) भी शामिल है। हो सकता है कि आपने भी कभी न कभी इस ब्रांड के जूते या स्लिपर पहने हों। आपको लगता होगा कि ये एक इंडियन ब्रांड है। मगर ऐसा नहीं है।
    बाटा भारतीय कंपनी नहीं है। बाटा इंडिया बाटा की भारतीय सब्सिडियरी के तौर पर भारत में कारोबार करती है। ये इतनी फेमस रही है कि लोग इसे भारतीय समझते हैं। आइए जानते हैं किस देश से आई है बाटा और किसने किया था इसे शुरू।

    कितना पुराना है इतिहास

    बाटा इंडिया द बाटा कॉर्पोरेशन (The Bata Corporation) की भारतीय इकाई है, जिसकी शुरुआत 131 साल पहले सन 1894 में एंटोनिन बाटा और उनके भाई टॉमस बाटा और उनकी बहन एना बाटोवा ने मिलकर की थी। कंपनी फुटवियर, कपड़े और दूसरी फैशन एक्सेसरीज बनाती है।

    इस देश की है कंपनी

    आज पूरी दुनिया में कारोबार करने वाली बाटा स्विट्जरलैंड की कंपनी है। इस कंपनी का पुराना नाम T. & A. Baťa Shoe Company है। आज बाटा के दुनिया भर में 6,000 से ज्यादा रिटेल स्टोर और 100,000 इंडिपेंडेंट डीलर और फ्रेंचाइजी हैं।

    शुरुआत में आई दिक्कत

    ऐसा नहीं है कि बाटा शुरू हुई और कमाई शुरू हो गयी। कंपनी की शुरुआत के कुछ महीनों बाद ही 1895 की गर्मियों में टोमस को पैसे की दिक्कत हो रही थी। इन मुश्किलों से निपटने के लिए उन्होंने लेदर के बजाय कैनवस के जूते बनाने का फैसला किया।
    इन जूतों की सफलता के बाद कंपनी ने 50 लोगों को काम पर रखा। बाटा ने चार साल बाद अपना पहला स्टीम से चलने वाला इक्विपमेंट बनाया, जिससे तेजी से मॉडर्नाइज़ेशन का दौर शुरू हुआ। फिर कंपनी लगातार ग्रो करती रही।

    खबरें और भी

    दुनिया की सबसे बड़ी जूता कंपनी

    दुनिया की सबसे बड़ी शू मैन्युफैक्चरर और मार्केटर बाटा का इटली के पडोवा में एक इंटरनेशनल शू इनोवेशन सेंटर भी है, जो दुनिया भर में अपनी 83 कंपनियों और कई नॉन-बाटा कंपनियों को सर्विस देता है। यह स्टाफ को बेसिक डिजाइन से लेकर क्रिएटिव स्किल्स तक की ट्रेनिंग देता है।

    भारत में कब हुई एंट्री

    भारत में बाटा की एंट्री सन 1931 में हुई। बाटा इंडिया को 1931 में बाटा शू कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से शुरू किया गया था। फिर सन 1973 में इसका नाम बाटा इंडिया कर दिया गया। बाटानगर कारखाना 1993 में आईएसओ 9001 प्रमाणन प्राप्त करने वाली पहली भारतीय जूता मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थी।

    आज कौन-कौन से ब्रांड

    बाटा के पास कई ब्रांड हैं, जिनमें पावर (एथलेटिक शूज), नॉर्थ स्टार (शहरी शूज), बबलगमर्स (बच्चों के शूज), वेनब्रेनर (आउटडोर शूज) और मैरी क्लेयर (महिलाओं के शूज) शामिल हैं। उनके पोर्टफोलियो में दूसरे ब्रांड हैं कॉमफिट (आरामदायक फुटवियर), बाटा इंडस्ट्रियल्स (वर्क और सेफ्टी) और टफीज (स्कूल शूज)।

     

    ये भी पढ़ें - ये होटल होगा पुतिन का दिल्ली में 'शाही' ठिकाना, ITC मौर्य में ठहरने का कितना है खर्च? 24 घंटे के लिए चुकाएंगे लाखों