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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gautam Adani: अदाणी समूह के शेयरों में निवेश से एलआइसी को अभी भी 27 हजार करोड़ का लाभ

    By AgencyEdited By: Shashank Mishra
    Updated: Sun, 29 Jan 2023 11:13 PM (IST)

    पिछले दो कारोबारी सत्रों में हुई गिरावट से पहले इन शेयरों का मूल्य बढ़कर 72200 करोड़ रुपये हो गया था। हालांकि अब यह घटकर 55700 करोड़ रुपये हो गया है। ...और पढ़ें

    बीमा कंपनी ने ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में किया था 28,400 करोड़ रुपये का निवेश।
    बीमा कंपनी ने ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में किया था 28,400 करोड़ रुपये का निवेश।

    नई दिल्ली, पीटीआई। पिछले कुछ सालों के दौरान एलआइसी ने अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में कुल 28,400 करोड़ रुपये का निवेश किया है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में हुई गिरावट से पहले इन शेयरों का मूल्य बढ़कर 72,200 करोड़ रुपये हो गया था। हालांकि अब यह घटकर 55,700 करोड़ रुपये हो गया है। इस तरह मूल निवेश के मुकाबले बीमा कंपनी को अभी भी 27,300 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ है।

    हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद भी एलआइसी अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में निवेश कर रही है। एंकर इन्वेस्टर के तौर पर एलआइसी ने अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (एआइएल) के एफपीओ के 9,15,748 शेयर खरीदे। इस पर उसने 300 करोड़ का निवेश किया।

    सभी 33 संस्थागत निवेशकों ने एआइएल में 5,985 करोड़ रुपये लगाए हैं। एलआइसी के पास पहले से ही अदाणी इंटरप्राइजेज की 4.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उसने एंकर इन्वेस्टर के तौर पर रखे कुल शेयरों में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। एलआइसी की अदाणी पो‌र्ट्स एंड स्पेशल इकोनमिक जोन में नौ प्रतिशत, अदाणी ट्रांसमिशन में 3.7 प्रतिशत, अदाणी ग्रीन एनर्जी में 1.3 प्रतिशत और अदाणी टोटल गैस लिमिटेड में छह प्रतिशत हिस्सेदारी है।

    एफपीओ पर रिपोर्ट का नहीं पड़ेगा असर: सीएफओ

    गौतम अदाणी समूह ने कहा है कि अदाणी इंटरप्राइजेज के 20 हजार करोड़ रुपये के एफपीओ पर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट का कोई असर नहीं पड़ेगा। समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) जुगशिंदर सिंह ने कहा कि बाजार में अस्थायी उथलपुथल के चलते ना तो एफपीओ के मूल्य में किसी तरह का बदलाव किया जाएगा और ना ही इसकी तारीख आगे बढ़ाई जाएगी।

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    उन्होंने कहा कि फालो आन पब्लिक आफर (एफपीओ) रणनीतिक संस्थागत निवेशकों के लिए एक फायदे का सौदा है, क्योंकि समूह एयरपोर्ट, खनन, सड़क, डाटा सेंटर और न्यू एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    एफपीओ 31 जनवरी तक खुला रहेगा। 27 जनवरी को जब यह एफपीओ खुला था तब सिर्फ एक प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था। बांबे स्टाक एक्सचेंज की वेबसाइट के मुताबिक एफपीओ के लिए 4.55 करोड़ शेयर रखे गए थे, लेकिन पहले दिन सिर्फ 4.7 लाख शेयर ही सब्सक्राइब हुए।

    एक साक्षात्कार में सीएफओ ने कहा कि समूह हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर अपनी व्यापक प्रतिक्रिया जारी करेगा और दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर यह साबित करेगा कि रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले किसी तरह का शोध नहीं किया गया। यह पूरी तरह से तथ्यहीन रिपोर्ट है। उन्होंने कहा कि जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं वह पूरी तरह से निराधार हैं। उधर, सेबी और स्टाक एक्सचेंज समूह की कंपिनयों के शेयरों में अचानक बिकवाली पर नजर रख रहे हैं।

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