यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MDH Masala Row: एमडीएच पर आया बड़ा अपडेट, हांगकांग से पहले अमेरिका में भी रिजेक्ट हो गए थे प्रोडक्ट
Masala Row भारत में कई घरों में एमडीएच मसालों का इस्तेमाल होता है। देश का सबसे लोकप्रिय स्पाइसेस ब्रांड एमडीएच ...और पढ़ें

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 'असली मसाले सच-सच, एमडीएच एमडीएच' देश का सबसे लोकप्रिय मसाला ब्रांड एमडीएच (MDH) मसाले अभी चर्चा का विषय बना हुआ है। हांगकांग ने एमडीएच मसाले के कुछ प्रोडक्ट को बैनकर दिया है।
दरअसल, एमडीएच मसाले में कुछ हानिकारक केमिकल पाए गए थे जिसके बाद हांगकांग और सिंगापुर के फूड रेगुलेटर्स ने यह कदम उठाया।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी नियामक के आंकड़ों का विश्लेषण करके एक रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2021 में एमडीएच मसालों के कुछ प्रोडक्ट में बैक्टीरिया पाए गए थे, जिसके बाद औसत 14.5 प्रतिशत एमडीएच शिपमेंट को रिजेक्ट कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
पिछले महीने हांगकांग और सिंगापुर ने एमडीएच और एवरेस्ट (Everest) के कुछ प्रोडक्ट्स को बैन कर दिया गया था। दरअसल, इन दोनों देशों के फूड रेगुलेटर्स ने रिपोर्ट में कहा कि इन मसालों में केमिकल एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा काफी ज्यादा पाई गई है जो मनुष्य के सेहत के लिए हानिकारक है। केमिकल एथिलीन ऑक्साइड के लगातार सेवन से केंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
हांगकांग के रिपोर्ट के बाद अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत के फूड रेगुलेटर्स इस मामले की जांच में जुट गए। बता दें कि एमडीएच और एवरेस्ट के कई प्रोडक्ट दुनिया के कई देशों में बड़ी मात्रा में एक्सपोर्ट होते हैं। एमडीएच की बात करें तो यह भारत में 100 साल से पुराना ब्रांड है।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक है। एमडीएच के प्रोडक्ट पर लगे आरोपों पर कंपनी द्वारा प्रतिक्रिया भी आई। कंपनी ने कहा कि उनके प्रोडक्ट मनुष्य के लिए पूरी तरह से सेफ है।
अमेरिका में क्यों रिजेक्ट हुआ MDH
Zion Market Research के अनुमान से वर्ष 2022 में भारत का घरेलू बाजार 10.44 बिलियन डॉलर का था, और मसाला बोर्ड ने कहा कि भारत ने 2022-23 के दौरान 4 बिलियन डॉलर के उत्पादों का निर्यात किया।
एमडीएच के प्रोडक्ट पर हो रही जांच से पहले अमेरिका ने इस ब्रांड के कुछ प्रोडक्ट को खारिज कर दिया गया था। कहा जा रहा था कि एमडीएच में एक तरह का साल्मोनेला बैक्टीरिया पाया गया जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी हो सकती है।
वर्ष 2023 में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एमडीएच प्रोडक्ट में साल्मोनेला बैक्टीरिया की जांच की थी। इस जांच में विफल होने के बावजूद संयुक्त राज्य अमेरिका ने एमडीएच के 65 शिपमेंट में से लगभग 20 फीसदी तक के प्रोडक्ट को खारिज कर दिया था।
