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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    टेलीकॉम सेक्टर में Jio का बड़ा कदम, Reliance Infratel की संपत्तियों के अधिग्रहण से कंपनी को कितना होगा फायदा

    By Abhinav ShalyaEdited By:
    Updated: Fri, 23 Dec 2022 09:46 AM (IST)

    Reliance Intratel मुकेश अंबानी लगातार अन्य टेलीकॉम कंपनियों पर बढ़त बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में उनके नेतृत्व वाली जियो की ओर से रिलायंस ...और पढ़ें

    Mukesh Ambani jio buy reliance infratel assests (Jagran File Photo)
    Mukesh Ambani jio buy reliance infratel assests (Jagran File Photo)

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड की ओर से रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की संपत्तियों का अधिग्रहण करने के लिए एसक्रो अकाउंट (Escrow Account) में 3720 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। रिलायंस इंफ्राटेल (Reliance Infratel) दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड का टावर और फाइबर बिजनेस संभालती है।

    पूरे मामले से जुड़े एक व्यक्ति की ओर से जानकारी दी गई कि जियो की ओर से ये रकम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में खोले गए एसक्रो अकाउंट में जमा कराई गई है। एसक्रो अकाउंट, वह अकाउंट होता है, जिसे दो पार्टियों में लेनदेन के लिए तीसरी पार्टी द्वारा खोला जाता है। इसके बाद रिलायंस कम्युनिकेशन में रिलायंस इंफ्राटेल के तहत आने वाले टावर और फाइबर बिजनेस का अधिग्रहण जियो की ओर से कर लिया जाएगा।

    रिलायंस ने जमा कराए 3720 करोड़

    बता दें, बीते 6 नवंबर को रिलायंस जियो की सहायक कंपनी रिलायंस प्रोजेक्ट्स एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सर्विसेज की ओर से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में रिलायंस इंफ्राटेल की सभी संपत्तियों का अधिग्रहण करने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। रिलायंस जियो की ओर से 3720 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं, जिसे रिलायंस इंफ्राटेल के लेनदरों के बीच बांटा जाएगा।

    रिलायंस इंफ्राटेल की संपत्तियां

    रिलायंस इंफ्राटेल के पूरे देश में 43,500 टावर्स और 1,70,000 किलोमीटर से ज्यादा का फाइबर नेटवर्क है। रिलायंस प्रोजेक्ट्स की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि अगर कर्ज में डूबी रिलायंस इंफ्राटेल की संपत्तियों को लेकर तत्काल एक्शन नहीं लिया गया, तो उनका मूल्य कम हो सकता है।

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    जियो को होगा फायदा

    रिलायंस इंफ्राटेल की संपत्तियों के अधिग्रहण के बाद जियो का अपना नेटवर्क देश के गांव और शहरों और अलग- अलग हिस्सों में फैलाने और मजबूत करने में मदद मिलेगी। रिलायंस इंफ्राटेल के लेनदरों की लिस्ट में एसबीआई, दोहा बैंक,स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और अमीरात बैंक के अलावा कई और बैंक शामिल हैं।

    (एजेंसी इनपुट के साथ)

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