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    भारत में 'सैटेलाइट इंटरनेट' क्रांति की तैयारी! Jio को मिली मंजूरी; अब मुकेश अंबानी देंगे एलन मस्क को टक्कर

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 09:07 AM (GMT+05:30)

    भारत के स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो के 1,600 LEO सैटेलाइट्स तैनात करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह कदम मुकेश अंबानी को एलन मस्क की ...और पढ़ें

    स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो LEO सैटेलाइट तैनात करने के प्रस्ताव को सही माना।

    स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो LEO सैटेलाइट तैनात करने के प्रस्ताव को सही माना।

    HighLights

    1. जियो को 1,600 LEO सैटेलाइट्स तैनात करने की तकनीकी मंजूरी मिली।

    2. मुकेश अंबानी अब एलन मस्क के स्टारलिंक से सीधे मुकाबला करेंगे।

    3. इससे भारत में स्वदेशी सैटेलाइट इंटरनेट क्रांति की शुरुआत होगी।

    नई दिल्ली। भारत के अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी अब दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क को टेलिकॉम बिजनेस में सीधी टक्कर देने जा रहे हैं, और इस कदम से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट क्रांति आएगी। खबर है कि भारत के स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe ने रिलायंस जियो के करीब 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट तैनात करने के प्रस्ताव को तकनीकी रूप से सही माना और मंजूरी दे दी है। ईटी की रिपोर्ट में नाम नहीं बताने की शर्त पर सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

    खास बात है कि इस प्रपोजल को स्टारलिंक जैसे ग्लोबल सिस्टम के बराबर माना गया है। रिलायंस जियो के इस प्रस्ताव के मूल्यांकन में ISRO और दूरसंचार विभाग (DoT) भी शामिल रहे। इस मंजूरी के बाद, अब भारत सरकार जियो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ITU के जरिए अपने 'ऑर्बिटल स्लॉट' सुरक्षित करने में मदद करेगी।

    सैटेलाइट इंटरनेट में सीधे 'मस्क' से मुकाबला

    जियो का यह प्रोजेक्ट सीधे तौर पर एलन मस्क की कंपनी 'स्टारलिंक' और अमेजन के सैटेलाइट इंटरनेट को कड़ी टक्कर देगा। फिलहाल, ग्लोबल मार्केट में सैटेलाइट इंटरनेट मुहैया कराने में स्टारलिंक का दबदबा है, जिसके पास 10,000 से ज्यादा सैटेलाइट्स हैं।

    भारत का पहला 'देशी' सैटेलाइट नेटवर्क

    स्टारलिंक या अमेजन विदेशी नेटवर्क हैं, लेकिन जियो का नेटवर्क पूरी तरह से भारत का अपना स्वदेशी नेटवर्क होगा। ऐसे में सैटेलाइट इंटरनेट के लिए विदेशी कंपनियों पर देश की निर्भरता कम होगी।

    क्या होगी सैटेलाइट इंटरनेट की स्पीड

    जियो ने सैटेलाइट इंटरनेट के तहत भारत में 4.5 से 5 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की क्षमता देने का प्रस्ताव रखा है, जो देश के लिए अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य है। इसकी तुलना में स्टारलिंक के पास 600 Gbps की मंजूरी है और अमेजन के पास 3 Tbps की योजना है।

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    क्या है आगे का प्लान

    सैटेलाइट इंटरनेट के लिए विशाल नेटवर्क को खड़ा करने लिए जियो की योजना देश भर में 20 से 22 ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने की है। जियो की यह योजना देश के स्पेस और टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। क्योंकि, सैटेलाइट इंटरनेट एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंच सकेगा, जहां आज मोबाइल टावर लगाना संभव नहीं है।