सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Mukesh Ambani की Reliance Retail को बड़ी राहत, NCLAT ने खारिज की कंपनी के खिलाफ याचिका! आखिर क्या है मामला?

    Updated: Sun, 28 Sep 2025 03:19 PM (IST)

    मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) को एनसीएलएटी से राहत मिली है। न्यायाधिकरण ने कंपनी के खिलाफ कैपिटल हिस्सेदारी में कमी की याचिका को खार ...और पढ़ें

    रिलायंस रिटेल को मिली एनसीएलएटी की तरफ से अच्छी खबर
    रिलायंस रिटेल को मिली एनसीएलएटी की तरफ से अच्छी खबर

    नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज, जिसके चेयरमैन एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) हैं, की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस रिटेल के लिए एक अच्छी खबर आई है। दरअसल अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी (NCLAT) ने रिलायंस रिटेल को राहत दी है और कैपिटल हिस्सेदारी में कमी को लेकर इसके खिलाफ याचिका खारिज कर दी।

    बता दें कि रिलायंस रिटेल ने साल 2023 में अपनी इक्विटी शेयर कैपिटल कम कर दी थी। न्यायाधिकरण ने कहा कि नॉन-प्रमोटर्स को उनके शेयरों का उचित मूल्य (Fair Price) देने की पेशकश की गई थी। रिलायंस रिटेल ने 2023 में प्रमोटर्स/होल्डिंग कंपनी के अलावा, माइनोरिटी शेयरहोल्डर्स के पास मौजूद कंपनी के 78,65,423 इक्विटी शेयरों को कम करने और रद्द करने का फैसला किया था।

    NCLT के फैसले को रखा बरकरार

    अपीलीय न्यायाधिकरण ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की तरफ से दिए गए आदेश को बरकरार रखा और कहा कि उसे एनसीएलटी के तर्कसंगत आदेश को रद्द करने का कोई कारण नहीं मिला। एनसीएलएटी ने कहा कि इस प्रोसेस के दौरान नॉन-प्रमोटर्स शेयरधारकों को उनके शेयरों का फेयर प्राइस देने की पेशकश की गई थी और भारी बहुमत के साथ इस प्रस्ताव को पारित किया गया। 

    सबसे बड़ी रिटेलर कंपनी

    एनसीएलएटी ने पिछले फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि आपत्ति जताने वाले शेयरधारकों को उनके शेयरों का फेयर प्राइस दिया जाता है, तो चुनिंदा कटौती की अनुमति है। रिलायंस रिटेल अपने ग्राहकों, सप्लायर्स और शेयरहोल्डर्स को बेहतर वैल्यू प्रदान करने वाली भारत की सबसे बड़ी रिटेलर बन गई है।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें - साइबर हमला झेल रही Tata Group की जगुआर लैंड रोवर को मिला ब्रिटिश सरकार का साथ, ₹178 अरब की लोन गारंटी से होगी मदद

    कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग

    मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो के अलावा रिलायंस रिटेल की लिस्टिंग पर भी काम चल रहा है। इसकी संभावित वैल्यूएशन लगभग 200 अरब डॉलर हो सकती है। हालाँकि अभी यह शुरुआती दौर में है, लेकिन संकेत हैं कि रिलायंस जियो की लिस्टिंग के एक साल बाद, साल 2027 में रिलायंस रिटेल की पब्लिक लिस्टिंग की उम्मीद की जा सकती है।

    (भाषा इनपुट के साथ)