यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mutual Fund: Sebi म्यूचुअल फंड के नियमों में फिर कर सकता है बदलाव, अगर आपको हुआ नुकसान तो ऐसे होगी भरपाई
Mutual Fund Scheme सेबी जल्द ही म्यूचुअल फंड को लेकर नया नियम जारी कर सकता है। सेबी अब म्यूचुअल फंड के लिए परफॉरमेंस शुल्क लाने की तैयारी कर रहा है। न ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: Mutual Fund: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) फंड मैनेजर्स के लिए परफॉरमेंस शुल्क लाने की तैयारी कर रही है। इसका मतलब हुआ कि अब किसी फंड के परफॉर्म न करने की जबावदेही फंड मैनेजर्स की होगी। इनकी परफॉरमेंस के आधार पर निवेशकों से शुल्क लिया जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शुल्क पर राय लेने के लिए सेबी ने एक कंसलटेंशन पेपर किया है। सभी पक्षों की राय जानने के बाद शुल्क को लेकर फैसला लिया जाएगा।
फिलहाल, एसेट अंडर मैनेजमेंट(AUM) नियमों के तहत फंड हाउस से कुछ चार्ज लिया जाता है।
क्यों आ रहा ये नियम
कई एक्टिवली मैनेज्ड म्यूचुअल फंड अपने बेंचमार्क सूचकांकों की जानकारी देने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए सेबी परफॉरमेंस से जुड़ी फीस के साथ म्यूचुअल फंड स्कीम्स की इस नई कैटेगरी की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा है।

जानकारों का मानना है कि ये प्रस्ताव पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के चार्ज स्ट्रक्चर जैसा ही है। पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेस (PMS) एक प्रोफेशनल फाइनेंशियल सर्विस है, इसमें कुशल पोर्टफोलियो मैनेजर्स और स्टॉक मार्केट प्रोफेशनल्स रिसर्च टीम की मदद से इक्विटी पोर्टफोलियो को मैनेज किया जाता है।
क्या होगा इस नियम का असर?
यह रेगुलेशन इन्वेस्टर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ये ज्यादा रिटर्न देने में कारगर साबित हो सकता है। पिछले कुछ समय से सेबी निवेशकों को फायदा पहुंचाने के लिए इन्वेस्टमेंट के नियमों में बदलाव कर रही है। नया प्रस्ताव मौजूदा हालात के अनुसार सही लग रहा है। कुछ म्यूचुअल फंड स्कीम्स की परफॉरमेंस लंबे समय से खराब है। वहीं कुछ स्कीम ने पीएमएस स्कीम्स की तुलना में काफी अच्छा रिटर्न दिया है।
