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    New Income Tax Rules: 1 अप्रैल से टैक्स से जुड़े बदल जाएंगे कई नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

    Updated: Wed, 18 Mar 2026 12:02 PM (GMT+05:30)

    New Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होने के साथ ही नया इनकम टैक्स एक्ट (New Income Tax Act) लागू होगा, जो मौजूदा 1961 के एक्ट क ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. असेसमेंट ईयर की जगह अब टैक्स ईयर होगा।

    2. आईटीआर फाइलिंग की अंतिम तारीखों में बदलाव।

    3. शेयर बाजार के STT, बायबैक, SGB पर टैक्स।

    New Income Tax Rules 2026: 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होने जा रहा है। इस दिन से ही देशभर में नया इनकम टैक्स एक्ट भी लागू होगा। यह नया इनकम टैक्स एक्ट (New Income Tax Act) , मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 को रिप्लेस करेगा। इस नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत इनकम टैक्स से जुड़े नियमों (Income Tax Rules) को और आसान किया जाएगा। 

    इसके साथ ही शेयर मार्केट से जुड़े कुछ टैक्स के नियम भी बदलने वाले हैं। आइए जानते हैं कि 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलने जा रहा है।

    New Income Tax Rules: क्या-क्या बदलेगा?

    new income tax act info

    1. Assessment Year की जगह आएगा टैक्स ईयर

    आप जब भी आईटीआर फाइल करते होंगे, आपको एसेसमेंट ईयर का ऑप्शन दिखता होगा। इस एसेसमेंट ईयर को अब टैक्स ईयर से बदला जाएगा। ताकि इससे समझने में आसानी हो। 

    2. ITR Filing Due date में होगा बदलाव

    अप्रैल 2026 से आईटीआर फाइलिंग करने की आखिरी तारीख भी बदली जाएगी। 1 अप्रैल से आईटीआर-3 और आईटीआर-4 नॉन ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स 31 अगस्त तक आईटीआर फाइल कर पाएंगे। हालांकि आईटीआर -1 और आईटीआर-2 के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रखी गई है। 

    सरल शब्दों में कहे तो सैलरी कर्मचारी पर डेट चेंज का कोई असर नहीं होने वाला है। 

    3. Revised Return की तारीख भी बदली

    रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की तारीख 31 मार्च कर दी गई है। अगर कोई टैक्सपेयर 31 दिसंबर के बाद रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करता है तो उसे चार्ज देना होगा। 

    4. इन पर बदलेगा TCS 

    उदारीकृत प्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme) के अंतर्गत 10 लाख रुपये से अधिक की शिक्षा और चिकित्सा प्रेषण राशि पर कर (TCS) 5% से घटाकर 2% हो जाएगा। इसके साथ ही विदेशी पर्यटन पैकेजों पर भी 2% टीसीएस लगेगा। जबकि अन्य प्रेषणों (Remittances) पर 20% की दर से टीसीएस लगता रहेगा।

    5. ये चीजें होगी TDS फ्री

    मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के तहतमोटर दुर्घटना पर कोर्ट द्वारा मुआवजा दिया जाता है। कभी-कभी ये मुआवजा देरी से आता है। ऐसा होने पर कोर्ट मुआवजे के साथ ब्याज भी देते है। इस ब्याज पर पहले टीडीएस काटा जाता था। 1 अप्रैल से इस ब्याज पर टीडीएस नहीं काटा जाएगा। इसके साथ ही अगर कंपनी द्वारा कर्मचारियों को घर आने-जाने के लिए रीइंबर्समेंट दिया जाता है, तो यह अमाउंट भी अब कर मुक्त हो जाएगा।

    खबरें और भी

    6. TAN होगा खत्म 

    मौजूदा समय में गैर-निवासियों द्वारा संपत्ति खरीद पर टैक्स लगाया जाता है। इसे भी अब सरल बनाया गया है। मसलन खरीदार अब पैन लिंक चालान के जरिए टीडीएस जमा करने में सक्षम होंगे। इसलिए अब टीएएन की जरूरत पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। 

    7. पेंशन पर टैक्स छूट नियम बदले

    आर्म फोर्स की पेंशन अभी तक हर किसी के लिए टैक्स फ्री है। लेकन अब पेंशन पर कर छूट उन्हीं आर्म फ्रोस को मिलेगा, जिन्होंने शारीरिक अक्षमताओं के कारण सेवा छोड़ दी है।

    8. इन Exemption में होगी वृद्धि

    • एजुकेशन एक्जेमशन को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति छात्र या छात्रा कर दिया गया है। 
    •  होस्टल एक्जेमशन को बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति छात्र या छात्रा कर दिया गया है। 

    9. इन चीजों में होगी पैन की जरूरत

    न्यू इनकम टैक्स एक्ट आने से अब पैन की जरूरत और बढ़ जाएगी। जैसे

    • अगर आप हर साल 10 लाख से ज्यादा लेन देन करते हैं तो पैन की आवश्यकता होगी। 
    • 5 लाख रुपये से अधिक की वाहन खरीद पर भी पैन चाहिए होगा।
    • मंहगे होटल बुक करने पर भी पैन देना होगा।
    • इसके साथ ही 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति लेनदेन पर भी पैन देना पड़ेगा। 
    अब जानते हैं कि शेयर मार्केट से जुड़े टैक्स नियम में क्या बदला है। 

    Share Market Tax Rule क्या-क्या बदला?

    1. STT पर बदला नियम

    • फ्यूचर ट्रेडिंग पर लगने वाला SST 0.02% से बढ़कर 0.05% हो जाएगा।

  • ऑप्शन प्रीमियम पर SST 0.10% से बढ़कर 0.15% हो जाएगा।

    • ऑप्शन एक्सरसाइज पर भी 0.15% SST लगेगा।

    2. Buyback करना पड़ेगा महंगा

    कई बार कंपनी अपने शेयर्स को शेयरहोल्डर से अधिक कीमत पर वापस खरीद लेती है। इस तरह से निवेशकों को मुनाफा होता है। अब यह मुनाफा कैपिटल गेन टैक्स के अंतर्गत आएगा। इसलिए निवेशकों को बायबैक से होने वाले मुनाफे पर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।

    इसी तरह अगर कोई कंपनी का प्रमोटर बायबैक करता है तो उसे 30 फीसदी टैक्स देना होगा। इसी तरह अगर कंपनी बायबैक करती है तो उसे 22 फीसदी टैक्स देना होगा। 

    3. SGB पर भी लगेगा टैक्स

    सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी स्कीम है। इसके तहत पहले निवेश करने पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता था। लेकिन अब अगर कोई सीजीबी को जारी डेट से नहीं खरीदता और बाद में इसमें निवेश करता है तो उसे कैपिटल गेन टैक्स के तहत टैक्स चुकाना होगा। 

    सोर्स- Clear Tax