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पेट्रोल-डीजल को लेकर आई नई खबर, सरकार ने अचानक बढ़ाया एक्सपोर्ट टैक्स; क्या होगा आप पर असर?

Published: Sat, 11 Apr 2026 07:40 PM (IST)

सरकार ने डीजल (Diesel export duty) और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर निर्यात शुल्क में भारी वृद्धि की है। डीजल ...और पढ़ें

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संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। शनिवार को सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क (Export Duty) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल पर लगने वाले एक्सपोर्ट टैक्स को दोगुने से भी ज्यादा कर दिया गया है। वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच सरकार का यह कदम देश के अंदर ईंधन की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।

डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं ATF (विमान ईंधन) इस पर लेवी 29.5 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के एक्सपोर्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह 'शून्य' (Nil) पर बरकरार है।

क्या होगा आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर?

जब भी सरकार टैक्स बढ़ाती है, तो सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या इससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाएंगे? राहत की बात यह है कि इस फैसले का आपकी जेब पर कोई सीधा या नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। देश के अंदर पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले तेल की कीमतों का इस एक्सपोर्ट ड्यूटी से सीधा लेना-देना नहीं है। उलटा, सरकार के इस कदम का फायदा ही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के अंदर (घरेलू बाजार में) डीजल और अन्य ईंधनों की कोई कमी न हो। यानी, आम आदमी को पेट्रोल पंप पर तेल की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सरकार ने अचानक क्यों लिया टैक्स बढ़ाने का फैसला?

सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मकसद इस टैक्स के जरिए अपना राजस्व (Revenue) या खजाना भरना नहीं है। असल में, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो तेल निर्यातक कंपनियां (Exporters) ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में देश के बजाय विदेशों में तेल बेचना शुरू कर देती हैं।
सरकार का यह कदम 'विंडफॉल टैक्स फ्रेमवर्क' (Windfall Tax Framework) का हिस्सा है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करती है कि निर्यातक कंपनियां कीमतों के इस अंतर का 'अनुचित फायदा' न उठा सकें और उनकी कमाई व घरेलू बाजार की जरूरतों के बीच एक सही संतुलन बना रहे।

पेट्रोल पर क्यों नहीं लगाया गया कोई टैक्स?

जहां डीजल और ATF पर भारी टैक्स लगाया गया है, वहीं पेट्रोल को इससे पूरी तरह बाहर रखा गया है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि सरकार मानती है कि वर्तमान में देश के अंदर पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और इसके निर्यात पर रोक लगाने या उसे कम करने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है।

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