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    Israel-Iran War: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच बड़ी राहत, महंगा नहीं होगा पेट्रोल-डीजल; सरकार ने किया क्लियर

    Updated: Mon, 02 Mar 2026 10:23 PM (IST)

    Petrol Diesel Price India: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत नहीं बढ़ेंगे। जानें ...और पढ़ें

    Israel-Iran War: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच बड़ी राहत, महंगा नहीं होगा पेट्रोल-डीजल; सरकार ने किया क्लियर

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    नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद ब्रेंट क्रूड (Brent crude price March 2026) करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

    अमेरिकी कच्चा तेल भी 8.6% उछलकर 72.79 डॉलर (oil price surge Iran conflict) पर पहुंच गया, जो शुक्रवार को करीब 67 डॉलर था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में पेट्रोल और डीजल महंगे होंगे?

    सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल आम लोगों को तुरंत झटका लगने की संभावना नहीं है। भारत में खुदरा पेट्रोल-डीजल कीमतों में अभी तुरंत बढ़ोतरी (petrol diesel price India) की उम्मीद नहीं है। अप्रैल 2022 से ईंधन की कीमतें स्थिर हैं। उस दौरान जब क्रूड महंगा हुआ, तो सरकारी तेल कंपनियों ने नुकसान झेला। बाद में जब कीमतें नरम पड़ीं, तो उन्होंने मार्जिन बनाकर नुकसान की भरपाई की।

    दुनिया का तीसरा बड़ा आयातक है भारत

    भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए वैश्विक कीमतों में उछाल का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है।

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    लेकिन सरकार फिलहाल 'कैलिब्रेटेड पॉलिसी' पर चल रही है, जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम होती हैं तो कंपनियों को मार्जिन बनाने दिया जाता है और जब कीमतें बढ़ती हैं तो उपभोक्ताओं को बचाने की कोशिश की जाती है।

    एक सूत्र ने बताया कि तेल कंपनियों के पास इस तरह के उछाल को झेलने की पर्याप्त क्षमता है। जून 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कच्चा तेल 119 डॉलर तक पहुंच गया था, फिर भी कंपनियों ने स्थिति संभाली।

    वित्त वर्ष 2024 में उन्होंने रिकॉर्ड 81,000 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया। इस वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने मिलकर 23,743 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।

    हमलों के बाद जहाजों को ईरान की चेतावनी

    हालांकि चिंता खत्म नहीं हुई है। भारत के लगभग आधे तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरते हैं। ईरान ने हमलों के बाद जहाजों को चेतावनी दी है और बीमा कंपनियों ने कवरेज वापस ले ली है, जिससे सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।

    पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आपूर्ति स्थिति की समीक्षा की है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वहनीयता सुनिश्चित की जाएगी।

    यह भी पढ़ें- दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी की रिफाइनरी पर ईरान का ड्रोन हमला, कौन है Aramco का मालिक? मुकेश अंबानी से खास कनेक्शन

    मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि,

    हम उभरती स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और देश में प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और सामर्थ्य सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।"

    अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद, ईरान ने जलडमरूमध्य से दूर पोत परिवहन ना करने की चेतावनी दी है और बीमा कंपनियों ने बीमा कवच वापस ले लिया है, जिससे टैंकर की आवाजाही प्रभावी रूप से रुक गई है।

    यानी यह साफ है कि अगर आप रोज बाइक, कार या कोई दूसरा वाहन चलाते हैं, तो फिलहाल आपके लिए राहत खबर है। लेकिन मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े तो पंप पर कीमतों में बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।