यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राहत की खबर: 10 हजार से ज्यादा निकालने पर ही देना होगा घोषणापत्र
आरबीआई ने शादी विवाह वाले परिवारों को 2.5 लाख रुपए तक की एकमुश्त राशि निकालने के लिए मौजूदा समय पर लागू विभिन्न शर्तों में कुछ छूट दी है

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने शादी विवाह वाले परिवारों को 2.5 लाख रुपए तक की एकमुश्त राशि निकालने के लिए मौजूदा समय पर लागू विभिन्न शर्तों में कुछ छूट दी है। अब ऐसे परिवारों को सिर्फ तभी घोषणापत्र देना होगा जब वो 10,000 रुपए से अधिक भुगतान के लिए रकम निकालेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले पैसा निकालने वाले को 2.5 लाख रुपए की निकासी में सभी भुगतानों के बारे में जानकारी देना अनिवार्य थी।
इतना ही नहीं आरबीआई ने बैंकों से किसानों के वितरण के लिए ग्रामीण सहकारी बैंकों को पर्याप्त कोष की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसानों के मौजूदा रबी मौसम में बीज, उर्वरक तथा अन्य कच्चे माल की खरीदारी के लिए पर्याप्त वैध नोट हों। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने डिजिटल साधनों के जरिए लोगों की लेन-देन जरूरतों को पूरा करने के लिए सेमी-क्लोज प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट के लिए सीमा दोगुनी कर 20,000 रुपए कर दी है। इससे पहले, रिजर्व बैंक ने बैंकों से अवैध मुद्रा को बदलने या उसे करने में धोखाधड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
केंद्रीय बैंक ने यह बात ऐसे समय कही है जब लाखों लोग बंद हो चुके 500 और 1,000 रपये के नोट को बदलने के लिए लाइन में लगे हैं। बैंकों से यह भी कहा गया है कि वे बदले गए या जमा किए गए नोट के बारे में कम समय में मांगने पर जानकारी उपलब्ध कराने को तैयार रहें। रिजर्व बैंक ने कहा, यह हमारे नोटिस में आया है कि कुछ जगहों पर कुछ बैंक शाखा के अधिकारी कुछ बदमाशों के साथ मिलकर नोटों को बदलने या उसे जमा करने में धोखाधड़ी में शामिल हैं।
केंद्रीय बैंक ने कहा, “इसीलिए बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे इस प्रकार की धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाकर लगाम लगाएं और ऐसी गतिविधियों में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।”
