यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
KSE 100: पाकिस्तान शेयर बाजार में हाहाकार, रोकनी पड़ गई ट्रेडिंग
पाकिस्तान शेयर बाजार (Pakistan Stock Market) में भारत और पाक के बीच चल रहे तनाव का बड़ा असर देखने को मिला है। अभी दोपहर 2.21 बजे कराची स्टॉक मार्केट ( ...और पढ़ें

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद से तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में की गई स्ट्राइक के अगले दिन भी पाकिस्तान के केएसई 100 में कोहराम मचा रहा। खबर लिखते समय पाकिस्तान का केएसई 7,925 अंक गिरकर 102,983,21 पर ट्रेड कर रहा है। जो पहलगाम हमले से अगर देखा जाए तो अब तक की सबसे ज्यादा गिरावट है। इससे पहले, बुधवार को इसमें 6 हजार अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी।
अगर 23 अप्रैल से लेकर कल यानी 7 अप्रैल तक देखें तो पाकिस्तान शेयर बाजार 6000 अंक टूटा था। 23 अप्रैल को कराची केएसई इंडेक्स 118,811 पर ट्रेड कर रहा था। जो कल यानी 7 अप्रैल को 112,055 पर कारोबार कर रहा था। जिसका मतलब हुआ कि 23 अप्रैल से लेकर 7 अप्रैल तक पाकिस्तान का केएसई इंडेक्स 6000 अंक लुढ़का था।
वहीं आज के ही दिन पाकिस्तान शेयर बाजार 7000 अंक टूटा है। जो साफ तौर पाकिस्तान शेयर बाजार के निवेशकों की घबराहट दिखा रहा है। निवेशकों का रुझान देखते हुए पाकिस्तान ने शेयर बाजार पर लोअर सर्किट लगा दिया है।
अब तक 15 हजार से ज्यादा गिरा KSE 100
22 अप्रैल को हुए कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान शेयर बाजार का बुरा हाल है। घटना के एक दिन बाद यानी 23 अप्रैल को कराची केएसई इंडेक्स 118,811 पर कारोबार कर रहा था। अभी खबर लिखते समय केएसई-100 102,568 पर कारोबार कर रहा है। जिसका मतलब हुआ कि पाकिस्तान शेयर बाजार का केएसई इंडेक्स 16,243 अंक गिर चुका है।
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भारतीय शेयर बाजार का क्या है हाल?
22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। जिसके बाद से ही दोनों ही देशों के बीच रिश्ते बिगड़ने लगे। इसके बाद भारत सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया। जिसके तहत पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी गुटों पर हवाई हमला किया गया था।
23 अप्रैल को शेयर बाजार का बीएसई सेंसेक्स 80,746 पर कारोबार कर रहा था। जो अभी खबर लिखते समय दोपहर 3.13 बजे 80,116 पर कारोबार कर रहा है। ये साफ तौर पर दर्शाता है कि भारतीय शेयर बाजार पर इस तनाव का इतना असर नहीं दिख रहा।
