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    Personal Loan Rules: ज्यादा खर्च की वजह से चूकी कई सारी EMI, अब जाना होगा जेल? समझें RBI का पूरा नियम

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 02:42 PM (IST)

    Personal Loan Rules: पर्सनल लोन की किस्तें न चुकाने पर आमतौर पर जेल नहीं होती, जब तक कि धोखाधड़ी का मामला न हो। इससे क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है और ...और पढ़ें

    Personal Loan Rules: ज्यादा खर्च की वजह से चूकी कई सारी EMI, अब जाना होगा जेल; क्या कहता है RBI का नियम?

    Personal Loan Rules: ज्यादा खर्च की वजह से चूकी कई सारी EMI, अब जाना होगा जेल; क्या कहता है RBI का नियम?

    HighLights

    1. लोन न चुकाने पर आमतौर पर जेल नहीं होती, धोखाधड़ी पर होती है।

    2. EMI चूकने से क्रेडिट स्कोर खराब होता है, बैंक संपत्ति जब्त कर सकता है।

    3. RBI के अनुसार रिकवरी एजेंट ग्राहकों को परेशान नहीं कर सकते।

    नई दिल्ली। आज के समय में पर्सनल लोन (Personal Loan) लेना बहुत ही आसान हो गया है। भले ही बैंक आपको पर्सनल लोन आसानी से न दे, लेकिन ऑनलाइन एप (Online Personal Loan) या फिर अन्य वित्तीय संस्थाओं (NBFCs) से आजकल आसानी से लोन मिल जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आप समय रहते लोन न चुका पाए तो क्या होगा?

    कई लोगों का मानना है कि लोन न चुका (Loan Defaulters) पाने पर जेल जाना पड़ सकता है। वहीं कुछ लोग कहते हैं कि लोन नहीं चुकाया तो संपत्ति जब्त कर ली जाती है। तो आखिर लोन न चुकाने पर कब जेल होती है और कब संपत्ति जब्त होती है, चलिए आपको बताते हैं।

    क्या पर्सनल लोन लेना सही?

    लोन लेना कभी भी गलत नहीं होता। लेकिन लोन हमेशा समय और ईएमआई (EMI) चुकाने की क्षमता को देखते हुए लेना चाहिए। अगर आपको पता है कि फ्यूचर में कोई बड़ा खर्च आने वाला है, तो आप उसके लिए आज से सेविंग कर सकते हैं, हर महीने SIP कर सकते हैं, या फिर किसी और निवेश स्कीम में पैसा निवेश कर सकते हैं।

    लेकिन अगर फिर भी आप लोन लेना चाहते हैं, तो हमेशा भविष्य के बारे में सोच कर ही लोन लेना चाहिए। अगर नौकरी चली गई, या बिजनेस में घाटा हुआ तो कैसे आप ईएमआई चुकाएंगे, इन सारी बातों के बारे में आपको सोचकर ही लोन चाहिए।

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    क्या लोन न चुकाने पर होती है जेल?

    इस सवाल का सीधा जवाब है नहीं। हमेशा लोन न चुकाने पर जेल नहीं होती है। अगर लोन ईमानदारी और सही काम के लिए लिया गया है तो बैंक अन्य कार्रवाई कर सकता है, लेकिन आपको जेल नहीं जाना पड़ेगा। अगर आप ईएमआई नहीं भर पाए तो बैंक या NBFC पहले फोन और मैसेज के लिए जरिए लीगल नोटिस (Legal Notice) भेजेंगे। वहीं लंबे समय का किस्त न भर पाने पर आपका लोन अकाउंट NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) यानी डिफॉल्ट अकाउंट घोषित कर दिया जाता है।

    इसका सीधा असर आपके क्रेडिट स्कोर (Credit Score) पर पड़ता है और आप आगे लोन नहीं ले पाएंगे। वहीं बैंक लोन वसूलने के लिए कोर्ट जाता है और अगर आपने लोन के बदले बैंक में कोई चीज या किसी प्रॉपर्टी के पेपर गिरवी रखें हैं तो उन पर कब्जा किया जा सकता है।

    किन मामलों में जेल हो सकती है?

    जेल की नौबत सिर्फ EMI न भरने से नहीं आती। ऐसा तब होता है जब मामला धोखाधड़ी का हो। अगर आपने फेक दस्तावेज दिखाकर लोन लिया हो, या बैंक को अपनी इनकम या पहचान के बारे में गलत जानकारी दी हो। वहीं अगर आपने किसी गलत काम के लिए लोन लिया हो और अगर आप फरार हो गए हों, तो इन मामलों में आपको जेल की सूरत देखनी पड़ सकती है।

    रिकवरी एजेंटों को लेकर RBI के कड़े नियम

    आरबीआई (Reserve Bank of India) सारे ग्राहकों के हितों की रक्षा हमेशा करता है। आरबीआई के निर्देशों के हिसाब से किसी भी ग्राहक को रिकवरी एजेंट मानसिक रूप से परेशान नहीं कर सकते। एजेंट मिलकर या फोन पर किस्त न चुकाने की जानकारी दे सकते हैं, लेकिन वो कभी किसी भी रूप से ग्राहक को धमका नहीं सकते। वहीं एजेंट सुबह 7 बजे से पहले और शाम को 7 बजे के बाद फोन य घर पर नहीं आ सकते और न ही किसी भी ग्राहक को सार्वजनिक रूप से बेइज्जत कर सकते हैं।

    किस्त न भर पाने की स्थिति में क्या करें?

    सबसे बड़ी गलती लोग ये करते हैं कि बैंक के फोन से डरकर बात करना बंद कर देते हैं। इससे बैंक का शक बढ़ता है और वे कड़े कदम उठाते हैं। इसके बजाय सभी ग्राहकों को बैंक से खुलकर बात करनी चाहिए, अगर तय ईएमआई नहीं भर पा रहे हैं तो लोन की अवधि बढ़वा कर ईएमआई कर करवाई जा सकती है। अगर स्थिति बहुत ज्यादा खराब है, तो बैंक के साथ वन-टाइम सेटलमेंट (One time settlement) पर बात कर सकते हैं, जिससे कानूनी झंझटों से छुटकारा मिल जाता है।

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