यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM Fasal Bima Yojana: बाढ़ और बारिश से अब किसानों को नो टेंशन! सरकार देगी मुआवजा, ऐसे उठाएं फायदा
कभी-कभी किसानों पर मौसम की मार पड़ने की वजह से उनकी तैयार फसल खराब हो जाती है। जिसका खामियाजा सिर्फ किसानों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को भुगतना पड़ता ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: जय जवान और जय किसान वाले इस देश में किसानों का दुख किसी से छिपा नहीं है। किसान बड़ी मेहनत में आपके और हमारे लिए खेतों में अन्न उगाते हैं। लेकिन कभी-कभी उनके उपर मौसम की मार भी पड़ती है। मसलन तैयार फसल मौसम की वजह से बिगड़ जाती है और किसानों के साथ-साथ देश का भी नुकसान होता है।
केंद्र सरकार किसानों की इसी नुकसान का मुआवजा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) चलाती है। इस योजना में किसानों की रबी और खरीफ फसलों का बीमा किया जाता है।

सरकार करती है प्रीमियम का भुगतान
मुख्य बात यह है कि पीएम फसल बीमा के हिस्से के रूप में, खरीफ फसल बीमा केवल 2 प्रतिशत के प्रीमियम पर किया जाता है। और इस प्रीमियम का भुगतान सरकार करती है जिससे किसानों को फायदा होता है। किसानों के लिए चलाई जा रही इस योजना का लाभ अभी तक लाखों किसानों को मिल चुका है और मुआवजें के तौर पर लाखों रुपये भी दिए गए हैं।
किसान को कितना बीमा देना होता है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अनुसार, किसानों को खरीफ फसलों के लिए 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और नकदी फसलों के लिए 5 प्रतिशत तक प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है।
इस योजना के तहत फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर दी जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 18 बीमा कंपनियां, 170,000 बैंक शाखाएं और 44,000 साझा सेवा केंद्र 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सेवा दे रहे हैं।
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अल नीनो से होने वाले नुकसान भी है बीमा में कवर
मौसम विभाग ने अल नीनो की चेतावनी भी जारी की है। इसकी वजह से मौसम में बदलाव और फसल का खराब होना संभव है। अभी हाल के महीनों में किसानों को खराब मौसम का सामना करना पड़ा है। ऐसे में जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा पीएम के इस योजना के तहत कराया है, उन्हें नुकसान का मुआवजा आसानी से मिल सकता है।
