यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM Garib Kalyan Anna Yojana: 2023 में भी जारी रहेगी मुफ्त राशन की स्कीम? हर साल करोड़ों लोगों को मिलता है लाभ
PM Garib Kalyan Anna Yojana प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त में राशन उपलब्ध करवाया जाता है। इसे 2020 में कोरोना काल ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत के हर एक घर पर किसी को भूखा न सोना पड़े, इसके लिए कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) की शुरुआत की थी। इसमें गरीबों या जरूरतमंदों को 5 किलो मुफ्त अनाज दिया जाता है। सरकार की इस योजना के तहत 80 करोड़ गरीब लोगों को फ्री राशन का लाभ दिया जा रहा है।
पहले अन्न योजना को बंद करने के लिए सितंबर का समय चुना गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर दिसंबर तक कर दिया गया है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि गरीबों के लिए शुरू की गई इस योजना को कब तक जारी रखा जाएगा? क्या नए साल के साथ ही इससे मिलने वाले लाभ भी समाप्त कर दिए जाएंगे? तो चलिए जानते हैं इससे जुड़ी बातें।

क्या अगले साल भी मिलेगा इसका लाभ?
वैसे तो इस योजना को सिर्फ दिसंबर तक बढ़ाया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस स्कीम को दिसंबर के बाद भी जारी रखा जा सकता है और मार्च 2023 तक बढ़ाया जा सकता है। सरकार के मुताबिक,अगले साल जनवरी तक लगभग 159 लाख टन गेंहू का भंडार किया जाएगा, इससे PMGKAY के विस्तार पर विचार किए जाने की उम्मीद है।
वर्तमान में इतने लोगों को मिल रहा लाभ
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को मार्च 2020 में शुरू किया गया था। इसमें हर व्यक्ति को 5 किलो अनाज प्रति महीने दिया जाता है। चूंकि यह योजना गरीबों के लिए लाई गई है, इसलिए बीपीएल कार्ड वाले परिवारों को ही इसके तहत लाभ मिल सकता है। अब तक इस स्कीम के 6 चरण हो चुके हैं। पहला चरण अप्रैल- जून 2020 तक था। इसके बाद के चरण कुछ इस तरह से हैं-जुलाई- नवंबर 2020, मई- जून 2021, जुलाई- नवंबर 2021, दिसंबर- मार्च 2022 और मार्च-सितंबर 2022।
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विस्तार के साथ बढ़ सकती गेंहू की जरूरत
पिछली बार जब इस योजना को सितंबर से दिसंबर के लिए बढ़ाया गया था, तब दिसंबर 2022 तक इस योजना के विस्तार पर कुल 44,762 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आया था। वहीं, अब तक इस योजना पर 3.46 लाख करोड़ रुपये का खर्च किए जा चुके हैं। वहीं, अगर यह स्कीम मार्च 2023 तक बढ़ाई जाती है तो करीब 68 लाख टन अधिक गेंहू की जरूरत होगी। एक्सपर्ट का कहना है कि सरकार PMGKAY को आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 तक जारी रख सकती है।
