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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PM Jan Dhan Yojana के पूरे हुए 9 साल, 50 करोड़ से अधिक खुले खाते; लाभार्थियों को सीधी मदद से हुई बड़ी बचत

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Sun, 27 Aug 2023 09:24 AM (IST)

    PM Jan Dhan Yojana केंद्र सरकार की स्कीम है। इसे 28 अगस्त 2014 को लॉन्च किया गया था। पिछले 9 सालों में इस योजना के तहत 50.09 करोड़ खाते खोले जा चुके ह ...और पढ़ें

    PM Jan Dhan Yojana में कुल 50.09 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं।
    PM Jan Dhan Yojana में कुल 50.09 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं।

    HighLights

    1. जन धन खातों में औसत बैलेंस 4,063 रुपये है।
    2. हर साल औसत 2.5 करोड़ से लेकर 3 करोड़ जन धन खाते खोले जा रहे हैं।
    3. प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए खातों में ओवरड्राफ्ट की भी सुविधा दी जाती है।

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। PM Jan Dhan Yojana: पीएम जनधन योजना को आज नौ साल पूरे हो गए हैं। पिछले 9 वर्षों के दौरान इस योजना के माध्यम से सरकार देश के वंचित तबके को भी बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने में सफल रही है। साथ ही डीबीटी या डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का भी फायदा सीधे लाभर्थियों को दिया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री जन धन योजना क्या है?

    प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) को 28 अगस्त, 2014 को लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को बेसिक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना था, जिनकी पहुंच बैंकिंग सेवाओं तक नहीं थी। इसमें जीरो बैलेंस के साथ खाते खोले जाते हैं। इसके साथ ही निशुल्क डेबिट कार्ड और ओवरड्राफ्ट आदि की सुविधा दी जाती है।

    50 करोड़ से अधिक खाते खुले

    वित्त मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, पिछले 9 सालों में इस योजना के तहत 50.09 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं। इसमें करीब 2.03 लाख करोड़ रुपये जमा है। हर साल औसत रूप से 2.5 करोड़ से लेकर 3 करोड़ जन धन खाते खोले जा रहे हैं।

    फाइनेंसियल सर्विसेज सेक्रेटरी विवेक जोशी के मुताबिक, अगस्त 2023 तक 33.98 करोड़ रुपये डेबिट कार्ड प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जारी किए जा चुके हैं। मार्च 2015 में इसकी संख्या 13 करोड़ थी।

    शून्य बैलेंस खातों की संख्या 8% पर पहुंची

    2014 में जब सरकार की ओर से ये योजना शुरू की गई थी। उस समय मार्च 2015 तक शून्य बैलेंस वाले जनधन खातों की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत पर थी, जो कि अगस्त 2023 में 8 प्रतिशत पर आ गई है। मौजूदा समय में देश में करीब 225 करोड़ बैंक खाते हैं, जो कि इस बात को दिखाता है कि देश में बड़ी संख्या में लोगों के पास एक से अधिक बैंक खाते हैं।

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    जन धन खातों में चार गुना बढ़ा बैलेंस

    प्रधानमंत्री जन धन योजना (PM Jan Dhan Yojana) को सरकार की ओर से वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) की प्रमुख योजना के तौर पर लॉन्च किया गया था। इस असर भी जमीनी तौर पर दिखने लगा है। मार्च 2015 में जहां जनधन खातों में औसत 1065 रुपये जमा थे जो अगस्त 2023 में 3.8 गुना बढ़कर 4,063 रुपये हो गया है। इसमें बड़ी बात यह कि खोले गए कुल जन धन खातों में 56 प्रतिशत अकाउंट होल्डर्स महिलाएं हैं और 67 प्रतिशत खाते कस्बों और ग्रामीण इलाकों से हैं। जहां अक्सर देखा जाता है कि बैंकिंग सेवाओं की पहुंच कम होती है।

    प्रधानमंत्री जन धन योजना के फायदे

    प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत सरकार की कोशिश समाज के कमजोर तबके का खाता खोलने के साथ उसे जोड़े रखना था। इसके लिए सरकार ने बिना किसी चार्ज के रुपे डेबिट कार्ड अकाउंट खोलने के साथ दिया। इस कार्ड के साथ दो लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर (वे खाते जो 28 अगस्त, 2018 से पहले खुले थे, उनके लिए ये एक लाख रुपये है) दिया जाता है। इसके अलावा 10,000 रुपये तक के ओवरड्राफ्ट की सुविधा पीएम जन धन खाते के साथ दी जाती है।

    सरकार ने बचाए 2.73 लाख करोड़ रुपये

    पीएम जन धन योजना (PM Jan Dhan Yojana) के बल सरकार बड़ी बचत करने में सफल हुई है। करोड़ों बैंक खाते खोलकर पीएम किसान, उज्जवला योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों को दिया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से जानकारी दी गई कि सरकार ने बीते नौ वर्षों में डीबीटी के जरिए लाभार्थियों को सीधे पैसे भेजकर 2.73 लाख करोड़ रुपये बचाए हैं। साथ ही उन्हें बताया कि इसके माध्यम से सिस्टम में लीकेज बंद हुई है और पैसा सही लोगों तक भेजा जा रहा है।