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यूरेनियम से लेकर UPI पेमेंट और 5 अरब डॉलर के बिजनेस तक, पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान में किए ये बड़े समझौते

Published: Sun, 30 Aug 2026 06:23 PM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान कई ऐतिहासिक समझौते हुए, जिसमें 2030 तक 5 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य ...और पढ़ें

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच कई ऐतिहासिक समझौते हुए

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच कई ऐतिहासिक समझौते हुए

HighLights

  1. 2030 तक 5 अरब डॉलर द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय।

  2. भारत के यूपीआई को उज्बेकिस्तान के यूजेडक्यूआर से जोड़ा जाएगा।

  3. यूरेनियम खनन और भूवैज्ञानिक संसाधनों में सहयोग पर सहमति।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान कई ऐतिहासिक समझौते किए, जिसमें लॉन्ग टर्म में दोनों देशों को फायदे होंगे। इस दौरान पीएम मोदी और मिर्जियोयेव ने खनन, टूरिस्म, आर्थिक और वित्तीय बातचीत, आयुर्वेद, व्‍यापक और रणनीतिक साझेदारी, हायर एजुकेशन और एनवायरनमेंट सहित विभिन्न सेक्टर में कई समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए।

5 अरब डॉलर के व्यापार पर बनी सहमति

अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी का फोकस व्यापार और हायर एजुकेशन पर खास तौर पर देखने को मिला। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्‍यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्‍य तय करने पर सहमत हुए। जो वर्तमान व्यापार का पांच गुना है। बता दें कि दोनों देशों के बीच फिलहाल व्यापार का आंकड़ा लगभग 1 अरब डॉलर से अधिक का है।

UPI को UZQR सिस्टम से जोड़ने की तैयारी

भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था UPI एक क्रांति की तरह काम करती है। आज देश में कहीं भी चले जाएं कैशलेस पेमेंट का बोलबाला है। अब UPI पेमेंट को उज्बेकिस्तान के UZQR सिस्टम से जोड़ने की दिशा में भी बड़ी तैयारी की गई है। इसके तहत उज्बेकिस्तान में भी व्यापारियों के UZQR को स्कैन कर भारतीय UPI ऐप के माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी और कारोबारी लेनदेन और अधिक मजबूत होने की संभावना बढ़ी है।

यूरेनियम को लेकर हुई चर्चा

भारत और उज्बेकिस्तान ने भूवैज्ञानिक संसाधनों और यूरेनियम सहित खनन क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने कहा कि यात्रा के दौरान उज्बेकिस्तान के साथ खनन और भूवैज्ञानिक संसाधनों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी।

यूरेनियम के मामले पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष संयुक्त रूप से एक शिखर सम्मेलन का आयोजन करेंगे, जिसमें दोनों देश के व्यापारिक नेता भी भाग लेंगे। पीएम ने आगे कहा कि हम यूरेनियम की आपूर्ति के लिए एक लॉन्गटर्म प्लान तैयार करेंगे।

दोनों देशों के बीच 14 उड़ानें

दोनों देशों के बीच आवाजाही और यात्रा को आसान बनाने के लिए भी खास प्लान तैयार किया गया है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने बताया, कि वर्तमान में भारत और उज्बेकिस्तान को जोड़ने वाली हर हफ्ते 14 सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा-


आपके नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आपके करीबी मित्र के तौर पर हम निश्चित रूप से इन सभी उपलब्धियों को देखकर बहुत खुश हैं।

हिंदी को बढ़ाने पर भी बनी सहमति

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश खेलों और हिन्‍दी को प्रोत्‍साहन देने के क्षेत्र में सहयोग के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके लिए स्‍कॉलरशिप की भी घोषणा की गई है। दोनों नेताओं ने खनन, संस्‍कृति, शिक्षा, पर्यटन, आर्युवेद सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहमति पत्रों और समझौतों का आदान-प्रदान किया। उज्‍बेकिस्‍तान में फयाज़ टेपा और कारा टेपा बौद्ध स्‍थलों के संरक्षण के सहमति-पत्र पर भी हस्‍ताक्षर हुए।