भारत में सस्ती होने वाली है गैस? US-Iran War के बीच कतर ने उठाया बड़ा कदम, महंगी Gas से मिलेगी राहत!
Qatar LNG exports: कतर अपने खाली एलएनजी टैंकरों को फारस की खाड़ी में वापस भेज रहा है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य ...और पढ़ें
-1788784689099_m.webp)
कतर का बड़ा कदम महंगी गैस से मिलेगी राहत भारत को भी फायदा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| दुनिया भर में गैस संकट और बढ़ती कीमतों के बीच कतर से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कतर अपने खाली एलएनजी (LNG) जहाजों को फारस की खाड़ी की ओर वापस भेज रहा है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते कतर का गैस निर्यात जल्द दोबारा शुरू हो सकता है।
LNG टैंकर तेजी से बढ़े आगे!
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, कतर से जुड़े छह खाली एलएनजी टैंकर या तो ओमान की खाड़ी में हैं या इस जलमार्ग की ओर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, केप्लर (Kpler) के डेटा से पता चला है कि एक खाली जहाज होर्मुज को पार कर कतर की ओर बढ़ चुका है।
जुलाई के अंत में अपने एक टैंकर पर हुए हमले के बाद कतर ने एलएनजी शिपमेंट लगभग पूरी तरह रोक दी थी। कभी दुनिया की 20% एलएनजी सप्लाई करने वाले कतर का यह कदम वैश्विक बाजार के लिए बड़ा झटका था।
हालांकि, कच्चे तेल का निर्यात पिछले एक महीने में तेजी से बढ़ा है। यह हलचल ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष दोबारा भड़क चुका है और तेहरान ने होर्मुज के बाहर प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है।
15 LNG जहाज होर्मुज में खड़े
इस भारी तनाव के बावजूद कतरएनर्जी (QatarEnergy) खाड़ी के भीतर मौजूद खाली जहाजों में गैस की लोडिंग जारी रखे हुए है। उसने कुवैत को ईंधन सप्लाई चालू रखी है, जिससे स्टोरेज को मैनेज करने और बड़े एक्सपोर्ट प्लांट को सीमित क्षमता पर चालू रखने में मदद मिल रही है।
मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, कतरी गैस से लदे 15 एलएनजी जहाज फिलहाल होर्मुज के पीछे खड़े हैं, जबकि दो अन्य जहाज रास लफान टर्मिनल पर लोड हो रहे हैं। सप्लाई ठप होने से एशिया और यूरोप में गैस की कीमतें आसमान छू रही थीं और दक्षिण एशिया में बिजली संकट बढ़ गया था।
अगर कतर से गैस निर्यात बहाल होता है, तो भारत समेत पूरे एशियाई बाजार को महंगी गैस से बड़ी राहत मिल सकती है।
यह भी पढ़ें- रूस-यूक्रेन की लड़ाई में पिस रहे एशियाई देश! गेहूं की कीमतों में दिखा तगड़ा उछाल, कितना पहुंचा दाम?
