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स्टार्टअप्स की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे रतन टाटा, 40 कंपनियों को दी फंडिंग, Ola Paytm के अलावा और कौन?

Updated: Wed, 08 Oct 2025 07:24 PM (IST)

Ratan Tata Death Anniversary दिवंगत रतन टाटा ने पेटीएम से लेकर ओला तक कई छोटी कंपनीज व स्टार्टअप में निवेश ...और पढ़ें

रतन टाटा ने अपने बिजनेस समूह को आगे बढ़ाने के अलावा कई छोटी कंपनीज और स्टार्टअप्स को फंडिंग दी।
रतन टाटा ने अपने बिजनेस समूह को आगे बढ़ाने के अलावा कई छोटी कंपनीज और स्टार्टअप्स को फंडिंग दी।

नई दिल्ली। रतन टाटा (Ratan Tata Death Anniversary) को दुनिया से अलविदा कहे एक साल होने जा रहा है। 9 अक्तूबर को उनकी पहली पुण्यतिथि और पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। रतन टाटा ने ना सिर्फ टाटा समूह के बिजनेस को बुलंदियों पर पहुंचाया बल्कि भारतीय उद्योग जगत को भी बड़ी ताकत दी। उन्होंने टाटा समूह के बिजनेस को आगे बढ़ाने के अलावा कई छोटी कंपनीज और स्टार्टअप्स का साथ दिया और उन्हें फंडिंग दी। इन कंपनियों में पेटीएम से लेकर ओला तक कई कंपनीज शामिल हैं। बताया जाता है कि रतन टाटा ने 40 से ज्यादा छोटी कंपनीज व स्टार्टअप में निवेश किया था।

इनमें 18 कंपनीज ऐसी हैं जो आज भारतीय उद्योग जगत में बड़ा नाम बन गई हैं। आइये आपको बताते हैं उन चुनिंदा कंपनियों के नाम जिनमें रतन टाटा ने पैसा लगाया था।

मोबिलिटी से फिनटेक कंपनियों को फंडिंग

दिवंगत रतन टाटा के पोर्टफोलियो में 40 से अधिक स्टार्टअप्स शामिल हैं, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत के साथ-साथ अपने फैमिली ऑफिस और वेंचर फंड के जरिए निवेश किया था। रतन टाटा ने ई-कॉमर्स से लेकर मोबिलिटी, कंज्यूमर सर्विसेज और फिनटेक स्टार्टअप्स तक में इन्वेस्टमेंट किया।

नए बिजनेस वेंचर्स में इन्वेस्टमेंट को लेकर एक बार रतन टाटा ने खुद को एक्सीडेंटल इन्वेस्टर बताते हुए कहा था, "अगर कंपनी के फाउंडर में जुनून और बिजनेस को लेकर नयापन है, तो उसे मदद मिलनी चाहिए। मैं संख्याओं पर ध्यान देने वाले व्यक्ति से ज़्यादा सहज हूं और यह मानता हूं कि सभी निवेश सकारात्मक नहीं होते, कुछ विफल हो सकते हैं और कुछ में अलग-अलग कारणों से समस्याएँ आ सकती हैं, लेकिन यही तो ज़िंदगी है।"

इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल सेक्टर में रतन टाटा का बड़ा दांव एम्पीयर पर था। यह रतन टाटा से निवेश हासिल करने वाले पहला ऑटोमोबाइल स्टार्टअप में से एक था। साल 2015 में रतन टाटा ने अपनी व्यक्तिगत तौर पर एम्पीयर में लगभग 3 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

ई-कॉमर्स क्षेत्र में टाटा ने व्यक्तिगत रूप से और अपने दो निवेश माध्यमों के ज़रिए सबसे ज़्यादा इन्वेस्टमेंट किया। उन्होंने 2014 में ओमनीचैनल ज्वेलरी ब्रांड ब्लूस्टोन में निवेश किया था, उस समय जब ई-कॉमर्स भारत में अपनी जड़ें जमा ही रहा था।

ऑटो मार्केटप्लेस कारदेखो की पैरेंट कंपनी को 2015 में रतन टाटा से फंडिंग मिली थी। यह निवेश स्नैपडील, ब्लूस्टोन और अर्बनलैडर के बाद भारतीय स्टार्टअप सेक्टर में उनका चौथा निवेश था।

फर्स्टक्राई आईपीओ की फाइलिंग के अनुसार, 2016 में रतन टाटा ने फर्स्टक्राई में 0.02% हिस्सेदारी 66 लाख रुपये में खरीदी थी।

फिनटेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी पेटीएम उन प्रमुख स्टार्टअप्स में से एक थी जिनमें टाटा ने शुरुआती दिनों में निवेश किया था। 2015 में यह उनका निजी निवेश था जिसमें उन्होंने छोटी हिस्सेदारी खरीदी थी।

2014 में, रतन टाटा ने गुरुग्राम स्थित ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील में निवेश किया था। वहीं, 2014 में शुरू हुई अर्बन कंपनी में भी रतन टाटा ने इसके शुरू होने के एक वर्ष बाद ही निवेश किया था।

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इसके अलावा, दिवंगत रतन टाटा ने Ola, Upstox, Tracxn, Moglix, Innoviti, GOQii, Curefit और CashKaro समेत अन्य कंपनियों में भी निवेश किया था।