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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    MPC Meeting: FY24 में 5.4 प्रतिशत पर ही महंगाई के रहने का अनुमान, सितंबर में कम रह सकती है खुदरा मुद्रास्फीति

    By AgencyEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Fri, 06 Oct 2023 04:40 PM (IST)

    एमपीसी की बैठक में नतीजों की घोषणा करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 2023-24 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को 5.4 प्रतिश ...और पढ़ें

    सितंबर की खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े अगस्त और जुलाई से कम हो सकती है।
    सितंबर की खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े अगस्त और जुलाई से कम हो सकती है।

    पीटीआई, नई दिल्ली: RBI MPC Meeting Update| भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज एमपीसी की बैठक में लिए गए नतीजों को सुनाते हुए 2023-24 के लिए मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान को 5.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

    इसके अलावा आरबीआई ने यह भी आश्वासन दिया कि वैश्विक खाद्य और ईंधन की कीमतों के किसी भी झटके को रोकने के लिए समय पर पर्याप्त कदम उठाया जाएगा।

    सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति कम रहने की उम्मीद

    गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सितंबर की खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े अगस्त और जुलाई से कम हो सकती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित सकल मुद्रास्फीति 2023-24 की पहली तिमाही में कम होकर 4.6 प्रतिशत हो गई थी जो एक साल पहले इसी अवधि में 7.3 प्रतिशत थी।

    क्या है आरबीआई का अनुमान?

    आरबीआई ने 2023-24 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। तिमाही दर तिमाही की बात करें तो दूसरी तिमाही में आरबीआई ने सीपीआई मुद्रास्फीति 6.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

    वहीं अगले वित्त वर्ष यानी 2024-25 की पहली तिमाही के लिए आरबीआई ने सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

    आगमी समय में कम हो सकती है मुद्रास्फीति

    आरबीआई के गवर्नर ने कहा कि सब्जियों, खासकर टमाटर की कीमतों में सुधार और एलपीजी की कीमतों में कमी के कारण निकट अवधि में मुद्रास्फीति में नरमी की उम्मीद है।

    इसके अलावा मुद्रास्फीति में नरमी कैसी रहेगी यह विभिन्न कारणों जैसे अल नीनो, डिमांड और सप्लाई, खरीफ फसल के पैदावार पर निर्भर करता है।

    जीडीपी का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार

    आज एमपीसी के फैसलों को सुनाते हुए शक्तिकांत दास ने चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इसके अलावा आरबीआई ने आज रेपो रेट को भी 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

    यह लगातार चौथी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा है। आखिरी बार रेपो रेट को फरवरी 2023 में 0.25 प्रतिशत बढ़ाया गया था। दरअसल मई 2022 से आरबीआई ने रेपो रेट को फरवरी 2023 तक बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत तक कर दिया है।

     

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