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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    RBI ने तीन स्मॉल फाइनेंस बैंक सेट अप करने के आवेदन किए खारिज, ये रही वजह

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Wed, 05 Jul 2023 09:36 AM (IST)

    RBI की ओर से तीन स्मॉल फाइनेंस बैंक सेट करने के आवेदनों को खारिज कर दिया है। केंद्रीय बैंक द्वारा कहा गया कि ये आवेदन सैद्धांतिक रूप से सही नहीं थे। ...और पढ़ें

    बैंक सेट अप के लिए करीब 500 करोड़ रुपये की पूंजी चाहिए होती है। (फाइल फोटो)
    बैंक सेट अप के लिए करीब 500 करोड़ रुपये की पूंजी चाहिए होती है। (फाइल फोटो)

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से स्मॉल फाइनेंस बैंक शुरु करने के लिए आए हुए आवेदनों में से तीन को खारिज कर दिय गया है। इसमें वेस्ट एंड हाउसिंग फाइनेंस द्वारा किया गया आवेदन भी शामिल था।

    आरबीआई की ओर से कहा गया कि इन आवेदनों को स्मॉल फाइनेंस बैंक सेटअप करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सही नहीं पाया गया था, जिसके कारण इनको केंद्रीय बैंक से मंजूरी नहीं दी गई है।

    एक दर्जन आवेदन हुए थे प्राप्त

    यूनिवर्सल बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के लाइसेंस के लिए लाई गई 'on tap' के तहत आरबीआई को एक दर्जन के आसपास आवेदन प्राप्त हुए हैं। पिछले साल मई में आरबीआई ने छह आवेदनों पर निर्णय दिया था। आरबीआई द्वारा तीन और आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। केंद्रीय बैंक की ओर से कहा गया कि तीन और आवेदन का असेसमेंट किया जा रहा है।

    समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में बताया गया कि आवेदनों को स्मॉल फाइनेंस बैंक सेट अप करने के मापदंडों पर सही नहीं पाया गया है। इस कारण इनमें से किसी को भी मंजूरी नहीं दी गई है।

    बैंक सेट अप के लिए कितनी चाहिए पूंजी

    निजी क्षेत्र में यूनिवर्सल बैंकों और एसएफबी के 'ऑन टैप' लाइसेंसिंग के लिए दिशानिर्देश एक अगस्त 2016 और 5 दिसंबर, 2019 को जारी किए गए थे।

    इस दिशानिर्देश के मुताबिक, यूनिवर्सल बैंक सेट अप करने के लिए कम से कम 500 करोड़ रुपये की इक्विटी कैपिटल होनी चाहिए और बैंक की नेट वर्थ 500 करोड़ रुपये है। वहीं, स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए इक्विटी कैपिटल और नेट वर्थ 200 करोड़ रुपये होनी चाहिए। शहरी सहकारी बैंकों अपनी स्वेच्छा से एसएफबी बन सकते हैं। इसके लिए कम से कम 100 करोड़ रुपये की कैपिटल होनी चाहिए और इसे पांच साल के भीतर 200 करोड़ तक बढ़ाना है।

     

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