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    12 साल बाद '₹' ने दोहराया इतिहास, एक दिन में इतनी बड़ी तेजी, रंग लाई RBI की कोशिश

    Updated: Thu, 02 Apr 2026 12:16 PM (IST)

    भारतीय रिजर्व बैंक के सख्त कदमों से रुपये में 12 साल बाद रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई। 2 अप्रैल को दो दिन के अंतराल के बाद, रुपया डॉलर के मुकाबले 1.8% बढ़क ...और पढ़ें

    फाइल फोटो

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    HighLights

    1. आरबीआई के प्रयासों से रुपये में 12 साल बाद रिकॉर्ड वृद्धि।

    2. डॉलर के मुकाबले रुपया 1.8% बढ़कर 93.17 पर पहुंचा।

    3. आरबीआई ने विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव नियमों को सख्त किया।

    नई दिल्ली। रुपये में गिरावट (Rupee Crash) को लेकर आरबीआई (RBI) की कोशिश रंग लाई है और 12 साल बाद रुपये ने एक दिन में बढ़त का बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। दरअसल, भारतीय मुद्रा के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सख्त कदम उठाए और अतिरिक्त उपाय लागू किए। इसके बाद 2 अप्रैल को रुपये में 12 वर्षों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। आरबीआई के निर्देश के बाद से बैंक अपने विदेशी डॉलर इन्वेस्टमेंट को समाप्त करना जारी रखे हुए हैं।

    दो दिन के अंतराल के बाद करेंसी मार्केट फिर से शुरू होने पर रुपया डॉलर के मुकाबले 1.8 प्रतिशत बढ़कर 93.17 पर पहुंच गया, जो सितंबर 2013 के बाद सबसे अधिक है। 1 अप्रैल को आरबीआई ने बैंकों को निवासी और अनिवासी ग्राहकों को रुपये के नॉन-डिस्ट्रीब्यूशन फॉरवर्ड जारी करने से रोक दिया। इसने यह भी कहा कि कंपनियां रद्द किए गए विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्ट्रेक्ट को दोबारा बुक नहीं कर सकतीं।

    रंग लगाई RBI की सख्ती

    आरबीआई के इन कदमों से रुपये में गिरावट थमी और यह मजबूती दिखाने लगा है। सीआर फॉरेक्स एडवाइजरी के एमडी अमित पबारी ने कहा, “निकट भविष्य में, इससे इस तरह की खरीददारी में कमी आने की संभावना है, जिससे डॉलर की आर्टिफिशियल डिमांड कम होगी और रुपये को मजबूती मिलेगी, जिसके परिणामस्वरूप रुपये में वृद्धि हो सकती है या कम से कम स्थिरता बढ़ सकती है।”


    वित्तीय वर्ष 2026 रुपये के लिए एक दशक से भी अधिक समय में सबसे खराब वर्ष रहा, जिसके कई कारण थे, जैसे कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार धन की निकासी।

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